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दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ का सचिवालय के बाहर प्रदर्शन, जानिए क्या हैं इनकी मांगें?

दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ ने अपनी मांगों को लेकर सुबह-सुबह शिमला में चक्का जाम कर दिया.

Visually Impaired protest in Shimla
दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ का प्रदर्शन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 1:22 PM IST

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Updated : January 5, 2026 at 1:47 PM IST

2 Min Read
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शिमला: दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं. सोमवार को सचिवालय के बाहर दृष्टिबाधित बेरोजगारों ने सुबह-सुबह चक्का जाम कर दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश की वर्तमान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. इससे शिमला सर्कुलर रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है. इसके बाद, कामकाजी लोग पैदल चल कर अपने काम पर पहुंचे.

2 साल से धरने पर बैठे दृष्टिबाधित बेरोजगार

दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ के सदस्यों का कहना है कि, वे दृष्टिबाधित बेरोजगार दो साल से शिमला में धरने पर बैठे हैं. अनेक बार दृष्टिबाधित बेरोजगार नौकरी की मांग को लेकर चक्का जाम कर चुके हैं. इस दौरान कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के साथ इनके टकराव के वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल होते रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर (3 दिसंबर, 2025) भी इनका एसडीएम शिमला और पुलिस अधिकारियों के साथ टकराव हुआ. उस दिन भी इन्होंने चक्का जाम किया. आज फिर से बेरोजगार सड़कों पर उतर आए हैं. इससे शिमला में चार किलोमीटर से भी लंबा ट्रैफिक जाम लग गया.

Visually Impaired protest in Shimla
दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ का प्रदर्शन (ETV Bharat)

दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ की क्या है मांगें?

दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ विभिन्न सरकारी विभागों में दृष्टिहीन कोटे के खाली पड़े बैकलॉग पदों को एकमुश्त भरने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा पेंशन राशि बढ़ाने और मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मांग है. संघ का आरोप है कि ये पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार इनमें भर्तियां नहीं कर रही है.

Visually Impaired protest in Shimla
दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ ने किया चक्का जाम (ETV Bharat)

दृष्टिबाधित बेरोजगार संघ का सरकार पर गंभीर आरोप

वहीं, दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष राजेश ठाकुर का कहना है कि, "सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है. जब भी हमलोग चक्का जाम करते हैं, तो हमें बातचीत के लिए बुलाया जाता है, लेकिन बाद में हमारी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती. ऐसे में हारकर हमें सड़कों पर उतरना पड़ा है."

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Last Updated : January 5, 2026 at 1:47 PM IST