विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर पर बड़ा अपडेट, 10 जनवरी तक नक्शे पर लगेगी अंतिम मोहर
गयाजी में विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर का निर्माण कार्य 2026 में शुरू होंगे. नक्शे पर अंतिम सहमति 10 जनवरी तक पूरी हो जाएगी. पढ़ें खबर


Published : December 29, 2025 at 2:17 PM IST
गया : बिहार के गयाजी के लिए साल 2026 विकास के कार्यों के लिए खास रहेगा. कई बड़ी परियोजनाओं के कार्य पूरे होंगे तो कईयों का अगले कुछ दिनों में निर्माण कार्य प्रारंभ होगा. इसमें धार्मिक स्थल के दो बड़े कॉरिडोर भी हैं. विष्णुपद मंदिर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कार्य साल 2026 में शुरू होगा.
ये दोनों विश्वप्रसिद्ध मंदिर एक दूसरे से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर हैं और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं. इसके निर्माण कार्यों के लिए कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है. कॉरिडोर के निर्माण से गयाजी की खूबसूरती बढ़ने के साथ यहां की अर्थव्यवस्था में भी बढ़ोतरी होगी. यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ उन्हें अच्छी सुविधा भी उपलब्ध होगी.

आर्किटेक्ट फील्ड सर्वे पूरा : इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पिछले दिनों आर्किटेक फील्ड सर्वे पूरा हो गया है. डिजाइन बनाने का कार्य गुजरात के अहमदाबाद की एचपी डिजाइनर डिजाइन कंपनी कर रही है. भारत सरकार ने 2023-24 में विष्णुपद और महाबोधि कॉरिडोर की स्वीकृति केंद्रीय बजट में दी थी.
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने ईटीवी भारत को बताया कि आर्किटेक फील्ड सर्वे पूरा हो चुका है. फाइनल प्लान अगले कुछ दिनों में जारी होते ही कार्य शुरू हो जाएंगे. 2026 के लिए ये बड़ी सौगात गया और बोधगया के लिए है. इन परियोजनाओं के लिए ब्लू प्रिंट स्थानीय समिति के लोगों के साथ फाइनल करके जारी कर दिया जाएगा. जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे. फाइनल प्लान पर सहमति बनाने को लेकर बैठक होनी है.
ब्लू प्रिंट को लेकर होगी बैठक : विष्णुपद मंदिर समिति के सदस्य मनी लाल बारीक ने बताया कि अभी आर्किटेक फील्ड सर्वे तो हो गया है लेकिन प्रशासन की ओर से ब्लू प्रिंट नहीं दिया गया है. पिछले दिनों पथ निर्माण विभाग के एमडी ने निरीक्षण किया था. उन्होंने बताया था कि दो तीन तरह के नक्शे बनाए गए हैं, जिसमें पूरा ब्लू प्रिंट है.
''अभी नापी की गई है. विष्णु पद से चारों दिशा में 500 मीटर खुला होगा. बाईपास से विष्णु पद तक एक रोड का निर्माण होगा. दक्षिण दरवाजे तक नापी हुई है. 10 जनवरी से पहले प्रशासन और पांडा समाज की बैठक होगी. जिसमें नक्शे से संबंधित विचारकर नक्शा फाइनल होगा.''- मनी लाल बारीक, सदस्य, विष्णुपद मंदिर समिति

महाबोधि कॉरिडोर से बढे़गी पर्यटकों की संख्या : बोधगया कॉरिडोर के निर्माण से देश में बौद्ध सर्किट को मजबूती प्रदान होगी. महाबोधि कॉरिडोर बोधगया में मंदिर के आसपास के क्षेत्र के व्यापक विकास के लिए यह एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है. बोधगया में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ रही है.
ऐसे में कॉरिडोर के निर्माण से यहां और भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है. बीटीएमसी के रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में 30 लाख से अधिक पर्यटक बोधगया आए हैं. इस कॉरिडोर के लिए जमीन चिन्हित की गई है. आर्किटेक फील्ड सर्वे में कुछ बदलाव भी हुआ है.

दोनों कॉरिडोर को एक्सप्रेसवे से होगा लाभ : गया से होकर दो एक्सप्रेस वे भी गुजर रही हैं. इनमें एक गयाजी के आमस से दरभंगा तक के लिए एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है, जबकि दूसरा एक्सप्रेसवे वाराणसी कोलकाता है. दोनों कॉरिडोर भी इस एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे.
''वाराणसी कोलकाता और आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे के कार्य चल रहे हैं. भू अर्जन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहे हैं. कहीं कोई इसमें दिक्कत नहीं है. पूर्व से अमृतसर कोलकाता कॉरिडोर का भी भूअर्जन किया जा चुका है. अब विभिन्न इंडस्ट्रीज, इन्वेस्टर्स को राज्य सरकार की ओर से इनवाइट किया जा रहा है. उसके क्षेत्र को विकसित करने की भी तैयारी की जा रही है. पानी, बिजली और कनेक्टविटी की सुविधा हो इसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं.''- शशांक शुभंकर, जिला पदाधिकारी, गया
फोरलेन सड़क का हो रहा है निर्माण : डीएम ने बताया कि अमृतसर कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के लिए कनेक्टिविटी बेहतर की जा रही है. इस को एनएच 2 और डोभी गया पटना फोरलेन सड़क से जोड़ने के लिए एक फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. जिसे सीधे तौर पर औद्योगिक केंद्र तक पहुंचा जा सकता है. इस सड़क के निर्माण से औद्योगिक कॉरिडोर से बोधगया कॉरिडोर और विष्णु पद कॉरिडोर तक सीधे तौर पर पहुंचा जा सकता है.
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