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विराट हिंदू सम्मेलन: होसबाले बोले- हिंदुत्व ही विश्वबंधुत्व की आधारशिला

हिंदू सम्मेलन से पहले 700 से अधिक महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली.

Virat Hindu Sammelan
संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 21, 2026 at 8:44 PM IST

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जयपुर: वैशाली नगर स्थित चित्रकूट स्टेडियम में शनिवार को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ 700 से अधिक महिलाओं की कलश यात्रा के साथ हुआ. सम्मेलन में 'पंच परिवर्तन' यथा सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक शिष्टाचार जैसे विषयों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई. कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि हिंदुत्व ही विश्वबंधुत्व की आधारशिला है. हिंदू समाज यदि संगठित और सशक्त रहेगा तो वह संपूर्ण विश्व को एकता और मानवता का मार्ग दिखा सकेगा. उन्होंने कहा कि हिंदू समाज जहां-जहां पहुंचा, वहां उसने उस देश और समाज के उत्थान में सकारात्मक योगदान दिया है.

भारत ने सदैव पीड़ितों को शरण दी: होसबाले ने 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को हिंदू जीवन दृष्टि का मूल बताते हुए कहा कि दुनिया एक परिवार है और विश्व के किसी भी कोने में संकट हो तो हिंदू उसे अपनी समस्या मानता है. भारत ने सदैव पीड़ितों को शरण दी है. चाहे पारसी समाज हो या तिब्बती समुदाय, भारत ने सबको अपनाया है. महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल कथा नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श जीवन का मार्गदर्शन है. जिस पवित्र भूमि पर श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव ने अवतार लिया, उस भारत भूमि में जन्म लेना सौभाग्य की बात है.

संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले (ETV Bharat Jaipur)

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जाति-पाति और छुआछूत हमारी पहचान नहीं: योग और सूर्य नमस्कार की वैश्विक स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि योग किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का है. उन्होंने कहा कि जाति-पाति और छुआछूत हिंदू समाज की पहचान नहीं है. श्रीराम द्वारा केवट को भाई कहकर अपनाने की परंपरा हमारी संस्कृति का आदर्श उदाहरण है. होसबाले ने कहा कि हिंदू समाज किसी को दबाने या शोषण करने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं को सशक्त और संगठित रखने के लिए खड़ा होता है. जब तक हम एक होकर खड़े रहेंगे, कोई भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता. परिवार व्यवस्था को भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताते हुए उन्होंने कहा, 'परिवार बचेगा तो भारत बचेगा.'