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विनोद जाखड़ ने संभाली NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी, कार्यकर्ताओं ने कंधों पर बैठाकर कार्यालय तक पहुंचाया

पदभार ग्रहण समारोह में मौजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि यह साधारण परिवारों के कार्यकर्ताओं की जीत है.

NSUi National President
पदभार ग्रहण समारोह में जाखड़ के साथ मौजूद पायलट (Photo Courtesy: NSUI, Rajasthan)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 28, 2026 at 5:35 PM IST

4 Min Read
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जयपुर: दिल्ली के रायसीना रोड स्थित एनएसयूआई मुख्यालय में शनिवार को राजस्थान के विनोद जाखड़ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया. 'संकल्प सभा' नामक इस समारोह में देशभर से आए कार्यकर्ताओं ने जाखड़ को कंधों पर बैठाकर कार्यालय तक पहुंचाया. मुख्य अतिथि सचिन पायलट ने कहा कि यह साधारण परिवारों के कार्यकर्ताओं की जीत है. राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाले जाखड़ ने छात्रों की आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया. उनकी नियुक्ति में राहुल गांधी ने व्यक्तिगत इंटरव्यू लिया था. इस मौके पर पायलट ने कहा कि विनोद जाखड़ को पद नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी मिली है. यह उन हजारों साधारण परिवारों के कार्यकर्ताओं की जीत है, जो बिना किसी राजनीतिक विरासत के संघर्ष के दम पर आगे बढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र संगठन की मजबूती कांग्रेस की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करेगी.

सड़क से संसद तक छात्रों की आवाज: पदभार ग्रहण करने के बाद भावुक नजर आए जाखड़ ने कहा कि वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. यह पद उनके लिए सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है. उनका लक्ष्य कैंपस से लेकर सड़कों तक छात्रों की आवाज को बुलंद करना है. उन्होंने घोषणा की कि एनएसयूआई आने वाले समय में शिक्षा बजट, पेपर लीक, रोजगार, कैंपस लोकतंत्र और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएगी.

पढ़ें: कांग्रेस ने विनोद जाखड़ को बनाया NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष, पहली बार राजस्थान से किसी कार्यकर्ता को मिली कमान

राजस्थान विश्वविद्यालय से दिल्ली तक का सफर: विनोद जाखड़ का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ. 2014 में वे राजस्थान कॉलेज के अध्यक्ष चुने गए थे. 2018 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए एनएसयूआई से टिकट मांगा, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने बागी होकर राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा और अध्यक्ष चुने गए. हालांकि बाद में वे फिर संगठन के साथ सक्रिय हो गए. परिणामस्वरूप वे एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष बने और पेपर लीक, फीस वृद्धि, छात्रवृत्ति और कैंपस सुविधाओं जैसे मुद्दों पर लगातार आंदोलन किए. बीते दिनों राजस्थान विश्वविद्यालय में आरएसएस से जुड़े कार्यक्रम के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान उनकी गिरफ्तारी और कुछ दिनों की जेल यात्रा के बाद वे सुर्खियों में आए. इस प्रकरण ने उन्हें कांग्रेस आलाकमान की नजर में एक संघर्षशील युवा नेता के रूप में स्थापित किया.

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कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता (Photo Courtesy: NSUI, Rajasthan)

राहुल गांधी ने लिया इंटरव्यू: एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया भी इस बार चर्चा में रही. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में लगभग 15 संभावित उम्मीदवारों का व्यक्तिगत इंटरव्यू लिया. इस दौरान एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार भी मौजूद रहे. इंटरव्यू में संगठनात्मक समझ, विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता, सोशल मीडिया पर सक्रियता, गुटबाजी से दूरी और राष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टिकोण जैसे पहलुओं पर सवाल-जवाब हुए. राजस्थान से दो प्रमुख नाम विनोद जाखड़ और निर्मल चौधरी को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था. आखिर में जाखड़ के नाम पर मुहर लगी.

यह भी पढ़ें: युवा कांग्रेस के बाद अब NSUI में बवाल, बिना इजाजत नियुक्ति पर जाखड़ को कारण बताओ नोटिस

पायलट के करीबी हैं जाखड़: राजस्थान से पहली बार किसी नेता को एनएसयूआई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है. जाखड़ को सचिन पायलट का करीबी माना जाता है, जिससे राजस्थान कांग्रेस में उनकी स्थिति और मजबूत हुई है. उनकी सादगी, साधारण किसान परिवार से जुड़ाव और संघर्षशील छवि ने उन्हें युवा कार्यकर्ताओं के बीच खास पहचान दिलाई है. राजनीतिक विश्लेषक श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि इस चयन के माध्यम से पार्टी ने अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि छात्र राजनीति और राष्ट्रीय नेतृत्व में उनकी भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है. कांग्रेस नेतृत्व लंबे समय से युवाओं और वंचित वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है. ऐसे में एनएसयूआई जैसे छात्र संगठन के शीर्ष पद पर सामाजिक संतुलन साधने को भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.

शिक्षा और वैचारिक पृष्ठभूमि: विनोद जाखड़ ने राजनीति विज्ञान से स्नातक किया और 2017 में समाजशास्त्र से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की. वर्तमान में वे राजस्थानी भाषा में परास्नातक कर रहे हैं. छात्र राजनीति में वैचारिक स्पष्टता और शैक्षणिक समझ उनकी मजबूती मानी जाती है.