"मंत्री जी तालाब में तैर कर दिखाएं", स्विमिंग पूल के मुद्दे पर विनेश फोगाट और खेल मंत्री में तीखी नोकझोंक, स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप
विनेश फोगाट ने जुलाना के रामराय गांव में स्विमिंग पूल ना बनने का मुद्दा उठाया, मंत्री से तीखी बहस, बच्चों की ट्रेनिंग सुविधाओं पर सवाल.

Published : February 24, 2026 at 1:59 PM IST
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा में जुलाना से कांग्रेस विधायक और अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने अपने क्षेत्र के खिलाड़ियों की सुविधाओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने सदन में सवाल किया कि क्या रामराय गांव में स्विमिंग पूल के लिए दो एकड़ जमीन दान दी गई थी और अगर दी गई थी तो वहां स्विमिंग पूल बनाने का कोई प्लान क्यों नहीं है. उन्होंने सरकार से साफ जवाब मांगा कि अगर पूल बनाने का प्रस्ताव नहीं है तो इसके पीछे क्या वजह है. इस सवाल के बाद सदन में खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई.
मंत्री ने कहा- 'स्विमिंग पूल बनाना व्यवहारिक नहीं': खेल मंत्री गौरव गौतम ने विनेश फोगाट के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि रामराय गांव में स्विमिंग पूल बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. उन्होंने कहा कि वहां पूल बनाना व्यवहारिक नहीं है. मंत्री के इस जवाब पर विनेश फोगाट ने तुरंत सवाल उठाया और पूछा कि आखिर यह व्यवहारिक क्यों नहीं है. उन्होंने कहा कि गांव में रोज 250 से 300 बच्चे तैराकी की प्रैक्टिस करते हैं और सुविधाएं नहीं होने की वजह से उन्हें तालाब में अभ्यास करना पड़ता है.
तालाब में प्रैक्टिस से बच्चों को हो रही परेशानी, विनेश ने दिया चैलेंज: विनेश फोगाट ने सदन में कहा कि तालाब में प्रैक्टिस करने से बच्चों को एलर्जी और दूसरी परेशानियां हो रही हैं. उन्होंने मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वह खुद उनके साथ गांव चलें और तालाब में तैर कर दिखाएं. उन्होंने कहा कि अगर मंत्री को तैरने के बाद अस्पताल में भर्ती न होना पड़े तो वह अपना दावा छोड़ देंगी. विनेश के इस बयान के बाद सदन में कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया और इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई.
मंत्री ने कहा- 'पास के स्टेडियम में पहले से मौजूद हैं स्विमिंग पूल': खेल मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि "रामराय गांव से 10 से 12 किलोमीटर दूर एकलव्य स्टेडियम में स्विमिंग पूल मौजूद है. इसके अलावा जींद में भी कई ओलिंपिक स्तर के स्विमिंग पूल हैं, जहां खिलाड़ी अभ्यास कर सकते हैं." इस पर विनेश फोगाट ने कहा कि "एकलव्य स्टेडियम में प्राइवेट एजेंसी को ठेका दिया गया है और वहां बच्चों से फीस ली जाती है. उन्होंने कहा कि कई प्रतिभाशाली बच्चे फीस नहीं दे पाते और उन्हें सही ट्रेनिंग नहीं मिल पाती."
स्पीकर ने कराया हस्तक्षेप, मंत्री और विधायक को साथ बैठने की सलाह: बहस के दौरान विनेश फोगाट ने यह भी कहा कि मंत्री उनसे न तो फोन पर बात करते हैं और न मिलने का समय देते हैं. इस पर मंत्री ने कहा कि उनसे रोज हजारों लोग मिलने आते हैं. इस पर विनेश ने जवाब दिया कि उन हजारों लोगों में उनका नाम शामिल नहीं है. मामला बढ़ता देख स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने हस्तक्षेप किया और मंत्री से कहा कि विधायक को बुलाकर बात करें. साथ ही विनेश फोगाट को भी सलाह दी गई कि वह इस मामले में पूरा प्रस्ताव तैयार कर सरकार के सामने रखें, ताकि आगे इस पर फैसला लिया जा सके.

