Success Story: पार्ट टाइम जॉब के लिए बेचते थे क्रेडिट कार्ड, आज 35 करोड़ से अधिक का टर्नओवर
बिहार से वैश्विक मंच तक संघर्ष के रास्ते सफलता की कहानी. हम बात कर रहे हैं विनय कृष्ण की. पढ़ें सक्सेस जर्नी

Published : December 31, 2025 at 11:24 AM IST
रिपोर्ट: कृष्णनंदन
पटना : बिहार के पटना के युवक विनय कृष्ण ने हिम्मत की और कॉरपोरेट जॉब छोड़ा, जॉब छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू किया. 2 वर्षों में ही इनकी स्टार्टअप का टर्नओवर 35 करोड़ से अधिक का हो गया है. हालांकि यह सफलता की कहानी जितनी आसान दिख रही है उतनी भी नहीं है. विनय कृष्ण ने एनआईटी पटना से 2003 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कंप्लीट की लेकिन डिग्री के बाद जॉब नहीं मिला. आगे मास्टर्स के लिए बेंगलुरु गए जहां पढ़ाई के दौरान पैसों की तंगी के कारण पार्ट टाइम जॉब किया और क्रेडिट कार्ड बेचने का काम किया.
बीटेक के बाद नहीं मिली थी प्लेसमेंट : विनय कृष्ण ने ईटीवी भारत से खास बातचीत में बताया कि उनके पिता जनार्दन प्रसाद रिजर्व बैंक में कर्मचारी थे और अभी रिटायर्ड है, माता राजलक्ष्मी देवी गृहिणी रही हैं. वह तीन बहन और एक भाई हैं. भाई में इकलौते होने के कारण परिवार वालों को उनसे काफी उम्मीदें भी थी.

बचपन से पढ़ाई में अच्छे थे लेकिन 2003 में जब इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग कंप्लीट किया तब 2002 से 2004 के बीच वैश्विक मंदी के कारण नौकरियां कम थी और प्रतिस्पर्धा बहुत. डिग्री कंप्लीट हुई तो उन्हें आईटी क्षेत्र आकर्षित करने लगा और आईटी क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मास्टर्स डिग्री करने बेंगलुरु गए.
पार्ट टाइम काम के तौर पर क्रेडिट कार्ड बेचा : विनय कृष्ण ने बताया कि बेंगलुरु में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की तब साधारण पृष्ठभूमि होने के कारण पढ़ाई और जीवन यापन का खर्च उठाना आसान नहीं था. तब उन्होंने आर्थिक तंगी दूर करने के लिए एक बैंक में पार्ट-टाइम क्रेडिट कार्ड बेचने का काम किया. दिन में काम और रात में पढ़ाई, यही उनकी दिनचर्या बन गई.

इसी दौरान विनय ने सी-डैक के साथ मिलकर तकनीकी प्रशिक्षण और अनुभव प्राप्त किया. यह उन्हें आगे जीवन में कठिन परिस्थितियों में भी अधिक अनुशासित और मेहनती बनने के लिए प्रेरणा बना. इसके बाद उन्होंने माइंडट्री की चयन प्रक्रिया में भाग लिया. 600 से अधिक उम्मीदवारों में से केवल 9 लोगों का चयन हुआ. छह कठिन तकनीकी और कोडिंग राउंड्स के बाद चयन होना उनके करियर का एक निर्णायक मोड़ था.

शीर्ष आईटी कंपनियों में कर चुके हैं काम : विनय कृष्ण ने बताया कि इसके बाद उन्होंने विप्रो, इंफोसिस, IBM जैसी शीर्ष आईटी कंपनियों में कार्य किया और Unilever, CIT, Lloyds Bank और Allianz जैसे अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स के लिए भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में सर्विस की. कई वर्षों तक अच्छा वेतन और वैश्विक पहचान प्राप्त करने के बावजूद, अपने स्वयं के ब्रांड और पहचान बनाने की इच्छा बनी रही. इसी सोच से उन्होंने Astura Global की स्थापना की.
''यह कंपनी एआई बेस्ड है और डाटा एनालिटिक्स पर काम करती है. हेल्थ सेक्टर, इंश्योरेंस सेक्टर और बैंकिंग सेक्टर में वह लोग सर्विस प्रोवाइड करते हैं.''- विनय कृष्ण, Astura Global के संस्थापक
वर्कफोर्स में लगभग 80% बिहारी : विनय कृष्ण ने बताया की आखरी जॉब जब उन्होंने छोड़ी तब वह ऑस्ट्रेलिया में काम करते थे और यहीं पर उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू कर दिया. हालांकि उनकी कंपनी ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, अफ्रीकन कंट्री और भारत में अपनी सेवाएं दे रही है. इसके अलावा इंडिया में उन्होंने अपनी कंपनी के लिए जो रजिस्ट्रेशन कराया है वह बिहार में कराया है क्योंकि उनका बिहार से शुरू से लगाव रहा है.

''मेरी कंपनी में 80% बिहारी हैं चाहे वह किसी भी देश में क्यों ना हो. बिहारी प्रतिभा को प्राथमिकता देते हैं, हालांकि टैलेंटेड युवाओं को ही वह जॉब देते हैं. हम अपने कर्मियों में मल्टीप्ल टैलेंट ढूंढते हैं.''- विनय कृष्ण, Astura Global के संस्थापक
पटना को टेक हब बनाने में करनी है मदद : विनय कृष्ण ने कहा कि पटना को एक उभरते टेक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बिहार में उनकी कंपनी कार्य कर रही है. वह बिहार सरकार की AI मिशन में भी सक्रिय भागीदारी करने की आकांक्षा रखते है, ताकि वैश्विक अनुभव का लाभ राज्य के विकास में लगाया जा सके. उन्होंने बताया कि वह जिसके लिए भी अपनी सेवाएं देते हैं वहां उनके सर्विस में साइबर सिक्योरिटी इनबिल्ट होता है.

''हमारी कंपनी भारत में भी इंश्योरेंस सेक्टर और हेल्थ सेक्टर की कंपनियों के लिए अच्छी सर्विसेज दे रही है. उदाहरण के तौर पर यदि कोई बीमार है और इलाज के लिए पैसे की आवश्यकता है तो इंश्योरेंस क्लेम की फॉर्मेलिटी पूरी करने में देर ना हो और समय पर इलाज मिल सके इसके लिए क्लीयरेंस देने का काम.''- विनय कृष्ण, Astura Global के संस्थापक
'बिहार में AI एंटरप्रेन्योर लिए है अपॉर्चुनिटी' : विनय कृष्ण ने बताया की वह बिहार आए हुए हैं और ऑप्शन देख रहे हैं कि राज्य के विकास में कैसे डायरेक्टली इंवॉल्व होकर अच्छा कर सकते हैं. यहां सरकार के किसी इनीशिएटिव से जुड़कर अपने नॉलेज और एक्सपीरियंस का बेहतर इस्तेमाल कर सकें जिससे रोजगार के भी अवसर बढ़े, इस पर भी काम चल रहा है.

''राज्य में सेमीकंडक्टर और एआई को लेकर काफी इनीशिएटिव दिए जा रहे हैं जैसे कि एजुकेशन में एआई के इस्तेमाल की सरकार बात कर रही है. आज का समय है कि कोई भी डिपार्टमेंट हो उसमें अगर एआई का इस्तेमाल करते हैं तो काम की क्षमता में काफी इंप्रूवमेंट होता है.''- विनय कृष्ण, Astura Global के संस्थापक
'फैमिली से मिला पूरा मोरल सपोर्ट' : विनय कृष्ण ने बताया कि जब वह स्टार्टअप शुरू कर रहे थे तो बहुत लोग बहुत कुछ कह रहे थे लेकिन माता-पिता और पत्नी का पूरा सहयोग मिला. जब जॉब में थे तो साल में 30 दिन की छुट्टी मिलती थी लेकिन आज उनकी एक दिन की भी छुट्टी नहीं है, लेकिन अपने काम का अलग मजा है. फैमिली का सपोर्ट मिलने से ही यह सब हो पाया है.

''फैमिली ने पूरा मोरल सपोर्ट दिया कि यदि सफलता नहीं भी मिलेगी तो कोई दिक्कत नहीं है और यह मुझे बहुत काम आया. जब फैमिली से बुरे समय में भी सपोर्ट का आश्वासन मिल जाता है तो एक अलग एनर्जी से काम होता है. पत्नी सत्या ऑस्ट्रेलिया में ही बैंकिंग सेक्टर में है और बेटी वहीं पढ़ाई करती है. माता-पिता पटना में रहते हैं.''- विनय कृष्ण, Astura Global के संस्थापक
'ट्रेडिशनल एजुकेशन के साथ अलग-अलग स्किल सीखें युवा' : बिहार के यूथ को मैसेज देते हुए विनय कृष्ण ने कहा कि कुछ भी जल्दी हासिल करने के लिए शिक्षा को उपेक्षित ना कीजिए. शिक्षा बहुत ही जरूरी है और जब आप शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तब यह भी देखें की ट्रेडिशनल पढ़ाई के साथ-साथ एक्स्ट्रा कोर्सज कितना कर ले रहे हैं और कितना स्किल सीख पा रहे हैं.

''ट्रेडिशनल एजुकेशन आज की समय अधिक मददगार नहीं है बल्कि एक गेट पास के तौर पर है, इसमें जितना अधिक से अधिक स्किल सीखेंगे चाहे कोई छोटा सर्टिफिकेट कोर्स ही क्यों ना हो, वह आपको काम करने में वर्सेटाइल बनाएगा और बाजार की डिमांड में अब बने रहेंगे. कुछ भी नया सीखने में झिझक नहीं रखें और हमेशा सीखने की प्रवृत्ति रखें. बैचलर और मास्टर्स डिग्री के लिए वोकेशनल और टेक्निकल कोर्सेज आज के समय के बेहतर विकल्प हैं.''- विनय कृष्ण, Astura Global के संस्थापक
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