पीएम आवास की राशि में सचिव की मनमानी, बिरौरीडांड ग्राम पंचायत में ना दिया रोजगार ना पैसा, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
एमसीबी के बिरौरीडांड ग्राम पंचायत के सचिव पर मनमानी का आरोप लगा है.ग्रामीणों ने सचिव के ट्रांसफर की मांग की है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 9, 2026 at 7:25 PM IST
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर : मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत के बिरौरीडांड ग्राम पंचायत के सचिव पर मनमानी का आरोप लगा है.सचिव के खिलाफ सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हो गए हैं.जिला प्रशासन से सचिव के ट्रांसफर की मांग ग्रामीणों ने की है.इसके लिए ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम लिखित शिकायत भी सौंपी है.
पीएम आवास की राशि में अनियमितता का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में गंभीर अनियमितताएं की हैं. शिकायत में बताया गया है कि कई पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिला, जबकि कुछ मामलों में कागजों में लाभ दिखाकर वास्तविकता में राशि या सामग्री नहीं दी गई.
निजी पैसों से बनवाना पड़ा आवास
ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें मजबूरी में अपने निजी पैसे से आवास का निर्माण कराना पड़ा, जबकि शासन की ओर से मिलने वाली सहायता समय पर या पूरी नहीं दी गई.मनरेगा योजना को लेकर भी ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई मजदूरों को काम नहीं मिला, जिनके नाम जॉब कार्ड में दर्ज हैं.
काम मांगने के बावजूद हमें रोजगार नहीं दिया गया और ना ही समय पर मजदूरी का भुगतान किया गया. इस वजह से आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा है. सचिव की लापरवाही और मनमानी के कारण योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है- रामदीन, स्थानीय ग्रामीण
इस पूरे मामले में सरपंच शांति कुमारी ने खुलकर ग्रामीणों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पंचायत में बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद सचिव द्वारा सुधार नहीं किया गया.
सचिव गांव के लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते और योजनाओं की जानकारी भी सही तरीके से नहीं देते. कई बार पंचायत स्तर पर सचिव से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण मजबूर होकर सभी ग्रामीण एकजुट हुए और ग्राम पंचायत भवन के सामने जमकर प्रदर्शन किया-शांति कुमारी,सरपंच

ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए सचिव के खिलाफ कार्रवाई और तत्काल स्थानांतरण की मांग की है. प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है. वहीं सरपंच पति बद्री नारायण ने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सचिव का स्थानांतरण नहीं किया जाता और योजनाओं की जांच नहीं होती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे.फिलहाल ये मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है. अब देखना होगा कि कलेक्टर स्तर पर इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और ग्रामीणों को न्याय मिल पाता है या नहीं.
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