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पुनौराधाम के पास प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप का विरोध तेज, ग्रामीणों ने प्रशासनिक बैठक का किया बहिष्कार

सीतामढ़ी के पुनौराधाम मंदिर के पास प्रस्तावित सीतापुरम सैटेलाइट टाउनशिप के खिलाफ ग्रामीणों का तेज विरोध. खेती योग्य जमीन अधिग्रहण से रोजी-रोटी संकट की आशंका.

PROTEST AGAINST SATELLITE TOWNSHIP
सीतामढ़ी पुनौराधाम मंदिर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : May 28, 2026 at 3:00 PM IST

3 Min Read
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सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी के प्रसिद्ध पुनौराधाम मंदिर के आसपास सरकार द्वारा प्रस्तावित “सीतापुरम” सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध तेज हो गया है. पुनौरा गांव के सैकड़ों ग्रामीण खेती योग्य जमीन के अधिग्रहण के विरुद्ध खुलकर मैदान में आ गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि विकास के नाम पर उनकी पुश्तैनी जमीन छीन ली जा रही है, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा.

धार्मिक पर्यटन बनाम स्थानीय आजीविका: सरकार का दावा है कि पुनौराधाम मंदिर क्षेत्र के विकास और माता जानकी के भव्य मंदिर निर्माण के साथ यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी तथा क्षेत्र को नई पहचान दिलाएगी. प्रशासन के अनुसार, सैटेलाइट टाउनशिप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. लेकिन ग्रामीण इस दावे से सहमत नहीं हैं और मानते हैं कि उनकी उपजाऊ जमीन छिनने से वे बेरोजगारी की आग में झुलस जाएंगे.

सैटेलाइट टाउनशिप का विरोध तेज (ETV Bharat)

स्कूल परिसर में हुई विरोध बैठक: पुनौरा गांव के सरकारी स्कूल परिसर में ग्रामीणों की बड़ी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने परियोजना का जोरदार विरोध दर्ज किया. बैठक में सीतामढ़ी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं जमीन मालिक पंकज रमन सहित कई प्रभावित परिवार शामिल हुए. ग्रामीणों ने एकमत से कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे.

अधिकारियों के साथ बैठक का बहिष्कार: प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए बुलाई गई बैठक का ग्रामीणों ने पूर्ण बहिष्कार कर दिया. उनका साफ कहना है कि जब तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया वापस नहीं ली जाती, तब तक किसी भी वार्ता में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है. ग्रामीणों ने बिना उनकी सहमति के परियोजना आगे बढ़ाने की कोशिश की निंदा की.

क्या कहते हैं ग्रामीण: जमीन मालिक एवं स्वास्थ्य कर्मी पंकज रमन ने कहा, “हम लोग लगातार इस आंदोलन में शामिल हैं. सरकार विकास करना चाहती है तो करे, लेकिन हमारी खेती की जमीन छीनकर नहीं. हमारे परिवार का पालन-पोषण इसी जमीन से होता है. अगर जमीन चली गई तो हमलोग कहां जाएंगे.”

'हमारे पास थोड़ी बहुत जो जमीन बची है': जमीन मालिक प्रमोद यादव ने कहा, “हमारे पास थोड़ी बहुत जो जमीन बची है, उसी से घर चलता है. सरकार अगर जमीन ले लेगी तो हमलोग मजदूरी करने को मजबूर हो जाएंगे. बिना सहमति के जमीन अधिग्रहण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगा.”

PROTEST AGAINST SATELLITE TOWNSHIP
सीतापुरम सैटेलाइट टाउनशिप (ETV Bharat)

विस्थापन नीति की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरकार को विस्थापन और पुनर्वास की स्पष्ट नीति तथा उचित मुआवजे का ऐलान करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पुनौराधाम धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अब सरकार पर टिकी नजर: फिलहाल प्रशासन ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. यदि सरकार ने जबरन अधिग्रहण की कोशिश की तो ग्रामीण आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं. देखना होगा कि सरकार धार्मिक पर्यटन विकास और स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका के बीच किस प्रकार संतुलन बनाती है.

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