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कोटा में पंचायत पुनर्गठन का विरोध, ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे-70 किया जाम, आश्वासन के बाद माने

ग्रामीणों ने पंचायत पुनर्गठन के विरोध में हाईवे जाम किया और गांव को सम्मानपुर के बजाय रजोपा में फिर से जोड़ने की मांग की.

ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे किया जाम
ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे किया जाम (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : December 5, 2025 at 3:58 PM IST

2 Min Read
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इटावा (कोटा): राजस्थान में चल रहे पंचायत पुनर्गठन के खिलाफ प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी कड़ी में कोटा जिले के केशवपुरा गांव के सैकड़ों ग्रामीण शुक्रवार को उस समय सड़क पर उतर आए जब उनके गांव को नवगठित ग्राम पंचायत सम्मानपुर में मिला दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक द्वेषता से प्रेरित है और इससे उन्हें भारी परेशानी होगी.

आक्रोशित ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे-70 (कोटा-श्योपुर मार्ग) को इटावा-खातौली के बीच जाम कर दिया. ग्रामीणों ने सड़क पर झाड़ियां व पत्थर रखकर दोनों तरफ बैठ गए. इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. देखते ही देखते दोनों ओर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लग गया. इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली, बसें और सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंस गए.

ग्रामीणों ने पंचायत पुनर्गठन के विरोध में हाईवे जाम किया (ETV Bharat Kota)

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सूचना मिलते ही इटावा थाना प्रभारी संदीप बिश्नोई, पीपल्दा तहसीलदार वीपी सिंह नरूका सहित प्रशासन व पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा और जाम खोल दिया. तहसीलदार ने बताया कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम कार्यालय बुलाया गया है और उनकी मांग जिला कलेक्टर तक पहुंचाई जाएगी.

ग्रामीणों की मांग: विरोध कर रहे केशवपुरा गांव के ग्रामीण हरि सौभाग ने बताया कि आजादी के बाद से उनका गांव रजोपा ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ था और पंचायत मुख्यालय मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर था, अब नवगठित सम्मानपुर पंचायत 12 किलोमीटर दूर बना दी गई है, जबकि कच्चे रास्ते से भी 8 किलोमीटर जाना पड़ता है. बारिश के चार महीने रास्ता पूरी तरह बंद रहता है.

हरि सौभाग ने कहा कि नरेगा, राशन, प्रमाण-पत्र या कोई भी छोटा-मोटा काम कराने के लिए हमें 24 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा. यह पूरी तरह अन्याय है और राजनीतिक रंजिश के कारण किया गया. हमारी मांग है कि हमें फिर से रजोपा ग्राम पंचायत में ही जोड़ा जाए, जब तक मांग पूरी नहीं होती, इसी तरह विरोध जारी रहेगा. फिलहाल जाम खुल जाने से यातायात बहाल हो गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर मांग नहीं मानी गई तो फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

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