हांसी में ग्रामीणों ने बैरिकेड तोड़े, लघु सचिवालय में घुसे, DC से बोले- "पीकर दिखाओ ये गंदा पानी"
हरियाणा के हांसी में पानी की मांग को लेकर चैनत के ग्रामीणों ने बैरिकेड तोड़कर लघु सचिवालय में एंट्री की.

Published : June 18, 2026 at 6:10 PM IST
|Updated : June 18, 2026 at 7:15 PM IST
हांसी : हरियाणा के हांसी में चैनत गांव के पेयजल संकट को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के धरने का आज 34वां दिन था. ग्रामीणों ने गुरुवार को लघु सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. चैनत से लघु सचिवालय तक ट्रैक्टर मार्च करते हुए किसान भारी संख्या में पहुंचे. बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और डीसी कार्यालय के मुख्य गेट पर डेरा डालकर मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया. बारिश के बावजूद ग्रामीण लघु सचिवालय के अंदर डटे रहे.
डीसी ऑफिस में घुसने की कोशिश : आपको बता दें कि आक्रोशित ग्रामीण पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड हटाकर डीसी कार्यालय के अंदर कोशिश करने लगे. करीब दो घंटे तक लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शनकारियों ने डेरा डाले रखा. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने जैसे ही डीसी कार्यालय भवन के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, तभी मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया. प्रशासन ने कहा कि अलग से लाइन से पानी दे देंगे लेकिन ग्रामीणों की हठ है कि जब तक शहरी पाइपलाइन से पानी नहीं मिलेगा तब तक नहीं मानेंगे.
डीसी ने पानी पीने से मना किया : प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांव में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासन उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है. ग्रामीण अपने साथ गांव का गंदा पानी भी लेकर पहुंचे और अधिकारियों से कहा कि यदि यही पानी पीने योग्य है तो वे स्वयं इसे पीकर दिखाएं. प्रदर्शनकारियों ने गंदा पानी डीसी को पीने के लिए कहा, लेकिन डीसी ने पीने से मना कर दिया. उपायुक्त द्वारा पानी ना पीने पर लोगों में और अधिक रोष हो गया. प्रदर्शन में हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए किसानों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भी भाग लिया और चैनत के ग्रामीणों की मांगों का समर्थन किया. महिलाओं और ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने गांव के लिए पानी मांगने आए हैं और जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

पानी के लिए जारी रहेगा संघर्ष : करीब दो घंटे बाद उपायुक्त राहुल नरवाल ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन स्वीकार किया. इसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत शुरू हुई. हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. वे पानी की मांग को लेकर यहां आए हैं, जब तक गांव को पानी नहीं मिलेगा, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे. प्रशासन को उनकी समस्या का समाधान करना ही होगा.

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