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गुलदार ने गायों को बनाया निवाला, गुस्साए ग्रामीणों ने वन कर्मियों को रस्सी से बांधा, घंटों बनाए रखा बंधक

चमोली में गुलदार के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने वन कर्मियों को बंधक बनाया.

FOREST OFFICIALS WERE TAKEN HOSTAGE
गुलदार के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने वन कर्मियों को बंधक बनाया (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : January 1, 2026 at 8:53 PM IST

5 Min Read
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गैरसैंण (उत्तराखंड): चमोली जिले के विकासखंड गैरसैंण के सीमावर्ती मेहलचौरी और कुनीगाड क्षेत्र में गोवंश पर गुलदार के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. मंगलवार रात एक बार फिर गुलदार ने गौशाला में घुसकर गाय और उसके बछड़े को मार डाला. घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सुबह मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम के आधा दर्जन से ज्यादा सदस्यों को बंधक बना लिया.

घटनाक्रम के अनुसार, मेहलचौरी के नजदीकी सिलंगा ग्राम पंचायत के ऊजिटिया गांव में गुलदार ने राजेंद्र सिंह मेहरा की गौशाला का दरवाजा तोड़कर सात माह की गर्भवती गाय और उसके 2 साल के बछड़े को मार डाला. सुबह राजेंद्र सिंह की पत्नी कस्तूरा देवी जब गायों को चारा देने गौशाला पहुंची तो दोनों मवेशियों के शव देख कर बुरी तरह से घबरा गई. किसी तरह घर पंहुचकर परिजनों को जानकारी देने के बाद वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद वन विभाग के कर्मचारी 9 बजे मौके पर पहुंचे, तो गुस्साई महिलाओं ने फॉरेस्टर समेत आधा दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को मौके पर ही रस्सों से बांध दिया और पिंजरा लगाए जाने तक उन्हें न छोड़ने की जिद्द पर अड़े रहे.

गुस्साए ग्रामीणों ने वन कर्मियों को रस्सी से बांधा (VIDEO-ETV Bharat)

निकटवर्ती क्षेत्रों में पिछले सप्ताहभर में 10 गौवंश बने निवाला: दरअसल, यह क्षेत्र कुमाऊं और गढ़वाल का सीमांत क्षेत्र है, जहां गढ़वाल क्षेत्र के भंडारीखोड में बीते शनिवार को कृष्णानंद थपलियाल की तीन गायों को गुलदार ने निवाला बना दिया था. वहीं रविवार को ऊजिटिया के मोहन सिंह के पालतू कुत्ते पर दोपहर में हमला कर घायल कर दिया था. इसके बाद रंगचौणा की लीला देवी पत्नी की गाय को भी गौशाला में निवाला बना डाला. वहीं क्षेत्र से सटे कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले के अंतर्गत पसारागांव, पुरानालोहबा और नवाण में भी बीते सप्ताह गुलदार पांच गायों को अपना निवाला बन चुका है.

गौभक्षी गुलदार के नरभक्षी बनने की संभावना: ग्रामीणों का कहना है कि गौवंश पर गुलदार लगातार हमले कर रहा है, जिससे अब वो बच्चों और वृद्ध लोगों पर भी हमले कर सकता है. लिहाजा वन विभाग को जल्द पिंजरा लगाकर हिंसक गुलदार को पड़कर संरक्षित क्षेत्र में भेजना चाहिए.

गुस्साए ग्रामीणों ने वन कर्मियों को रस्सी से बांधा (VIDEO-ETV Bharat)

जिला पंचायत सदस्य से वार्ता के बाद ही मानें ग्रामीण: ऊजिटिया में गुलदार के हमले के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे तक वनकर्मियों को बंधक बनाए रखा. इसके बाद मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ने बताया कि वह मामले को लेकर अभी डीएफओ से मिलकर ही आ रहे हैं. शाम तक पिंजरा लगा दिया जाएगा, जिसके बाद ही ग्रामीण माने और बंधक बनाए वनकर्मियों को मुक्त कर गायों को पोस्टमॉर्टम के बाद दफनाने की कार्रवाई की गई.

सुरेश बिष्ट ने बताया कि गुलदार के बढ़ते हमलों की गंभीरता को देखते हुए उसके नरभक्षी होने की संभावना है. इसको लेकर वे डीएफओ से वार्ता करने जिला मुख्यालय गए हुए थे. जहां कंजर्वेटिव से हुई वार्ता के बाद अब क्षेत्र में पिंजरे लगाए जाने की अनुमति दे दी गई है.

Forest officials were taken hostage.
गुस्साए ग्रामीणों ने वन कर्मियों को रस्सी से बांधा (PHOTO-ETV Bharat)

जनप्रतिनिधियों ने लगाया उपेक्षा का आरोप: ग्राम प्रधान सिलंगा दीपा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र नेगी ने कहा कि जिले अल्मोड़ा में घटी घटनाओं के दो दिन बाद ही पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ लिया गया है. जबकि हमारे क्षेत्र में अनुमति देने में देरी होना गंभीर उपेक्षा का परिणाम है.

गाय वापस दिला दो: इस दौरान गौपालक कस्तूरा देवी भावुक होकर वनकर्मियों से गुहार लगाती नजर आई. वनकर्मियों द्वारा मुआवजा देने की बात पर उन्होंने कहा कि वो सालभर से गाय के बछड़ा/बछड़ी देने के इंतजार में थी, ताकी नाती पोतों को दुध मिल सके. मुझे मुआवजा नहीं मेरी गाय लाकर दे दो, जिस पर वनकर्मी भी निशब्द हो गए.

मामले को लेकर वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप गौड़ ने बताया कि लोगों ने आवेश और गुस्से में आकर कुछ देर के लिए वनकर्मियों को बंधक बना दिया था, जो गुस्सा उनका गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने को लेकर था. हालांकि बाद में मामला सुलझा लिया गया था.

वहीं बताया कि विभाग की अनुमति मिलने के बाद आज पिंजरा घटनास्थल पर ही लगाया गया है. गुलदार पिंजरे तक पहुंचे इसके लिए हर संभावित उपाय भी अमल में लाए जा रहे हैं. जिसको लेकर फिलहाल घटनास्थल के नजदीक पटाखे फोड़ने के साथ ही अन्य गतिविधियां भी कम कर दी गई हैं. इसके साथ ही लोगों को सचेत रहने को भी कहा गया है. उन्होंने बताया की हिंसक गुलदारों की संख्या बढ़ने पर क्षेत्र में दूसरा पिंजरा भी लगाया जा सकता है.

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