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सुस्त सिस्टम को ग्रामीणों ने दिखाया आत्मनिर्भरता का आईना, चंदा इकट्ठा करके खुद बनाया अस्थायी पुल

कांकेर के रानीडोंगरी गावड़ेपार गांव के लोगों ने चंदा इकट्ठा करके नदी पर अस्थायी पुल बनाया है.ये अस्थायी पुल प्रशासन को अब आईना दिखा रहा.

BUILT TEMPORARY BRIDGE
सुस्त सिस्टम को ग्रामीणों ने दिखाया आत्मनिर्भरता का आईना (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 6, 2026 at 2:12 PM IST

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Updated : January 6, 2026 at 2:33 PM IST

3 Min Read
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कांकेर : आजादी के अमृत काल में जहां एक ओर विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं रानीडोंगरी गावड़ेपार गांव के ग्रामीण आत्मनिर्भरता का आईना प्रशासन को दिखा रहे हैं. यहां के ग्रामीण पिछले 15 साल से एक अदद पुल की मांग कर रहे हैं.लेकिन जब उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीणों ने ही हाथों में गैंती कुदाल लेकर वो कर दिया,जिसकी उम्मीद शायद किसी को ना थी.

ग्रामीणों ने 15 साल तक लगाई गुहार

ब्लॉक मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रानीडोंगरी-गावड़ेपार गांव के लोग पिछले 15 साल से 'दुमुहान नदी' पर एक अदद पुल के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मुख्यमंत्री से लेकर स्थानीय प्रशासन तक गुहार लगाने के बाद भी जब नतीजा कुछ नहीं आया तो ग्रामीणों ने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना.

Villagers collected donation
सुस्त सिस्टम को ग्रामीणों ने दिखाया आईना (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

चंदा इकट्ठा करके बनाया अस्थायी पुल

ग्रामीणों ने खुद चंदा इकट्ठा कर और श्रमदान के जरिए नदी पर एक अस्थायी पुल तैयार कर दिया है, ताकि कम से कम बच्चों की पढ़ाई और मरीजों की जान बच सके. यह रपटा केवल मिट्टी-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि व्यवस्था की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों के आक्रोश और एकजुटता का प्रतीक है.

built temporary bridge
चंदा इकट्ठा करके खुद बनाया अस्थायी पुल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


बारिश के मौसम में गांव बन जाता था टापू

ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के समय गावड़ेपारा के नदी उफान पर होने से बच्चे को रानीडोंगरी स्कूल नहीं पहुंच पाते. इस गांव में नदी पर पुल न होने से आवागमन प्रभावित रहता है.

चंदा इकट्ठा करके खुद बनाया अस्थायी पुल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सचिवालय से लेकर मुख्यमंत्री जनचौपाल, सुशासन तिहार, सरपंच, जनपद पंचायत, जनप्रतिनिधि, विधायक, जिला प्रशासन, सांसद और मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं हुआ. नदी पार करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है- अमन मंडावी,ग्रामीण

कई बच्चों की छूटी परीक्षा

बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है.स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन स्थिति में समय पर मरीज अस्पताल नहीं पहुंच पाते.इस स्थिति में कई बच्चे नदी उफान पर होने के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है. लगातार मांग कर थक चुके ग्रामीण ने आवागमन के लिए अस्थायी पुल बनाया है.

गांव के पारा में 10 परिवार रहते हैं. सभी से 2-2 हजार चंदा किया, जिससे ट्रैक्टर, जेसीबी लगवाया और हम सभी जन सहयोग कर इसे 3 दिनों में बनाया है- अनिल आंचला, ग्रामीण

रानीडोंगरी-गावड़ेपार के ग्रामीणों ने अपनी मेहनत से वो कर दिखाया,जो पिछले 15 साल से नहीं हुआ.जब सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटते ग्रामीणों का वक्त बर्बाद हुआ तो उन्होंने मुश्किल काम को आसान करने के लिए खुद ही बीड़ा उठाया. ग्रामीणों नेआपसी सहयोग से चंदा किया और फिर जितने भी संसाधन इकट्ठा हुए उसी से एक अस्थायी रास्ता नदी पर बना दिया.अब भी यदि प्रशासन ने ग्रामीणों का स्थायी समाधान नहीं किया तो ये कहना गलत ना होगा कि लोगों का सरकारी सिस्टम से ही भरोसा उठ जाएगा.


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Last Updated : January 6, 2026 at 2:33 PM IST