घायल शख्स को स्ट्रेचर पर उफनती नदी पार कराया, भालू के हमले में हुआ था जख्मी
भालू के हमले में पीड़ित शख्स को गरियाबंद की उफनती नदी पार कराकर अस्पताल पहुंचाया गया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 31, 2026 at 6:53 PM IST
गरियाबंद: छत्तीसगढ़ में आज भी ऐसे गांव हैं, जहां सड़क और पुल न होने की वजह से ग्रामीण परेशान हैं. आलम ये है कि आपात स्थिति में भी गांवों में एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है. गरियाबंद जिले के कामेपुर गांव में भी एंबुलेंस नहीं पहुंचने की वजह से एक घायल शख्स को चार लोगों ने स्ट्रेचर पर रखकर नदी पार कराई.
घायल शख्स का नाम घनश्याम नागेश है. उसकी उम्र 36 साल है. दरअसल कामेपुर गांव के निवासी घनश्याम पर भालुओं ने अचानक हमला कर दिया. बमुश्किल दो भालुओं से लड़कर ग्रामीण ने अपनी जान तो बचा ली, लेकिन भालू ने किसान के कंधे, पेट, जांघ और शरीर के दूसरे हिस्सों पर नोचा है.
दो भालू ने हमला कर दिया. जगह जगह नोचा. किसी तरह जान बचाकर भागा-घनश्याम नागेश
ग्रामीण को उफनती नदी पार कराया
भालुओं के हमले में किसी तरह घनश्याम की जान तो बच गई लेकिन वो बुरी तरह जख्मी हो गया. आसपास के लोगों को जैसे ही इसकी सूचना मिली उन्होंने बाइक पर बिठाकर घनश्याम को गांव की नदी तक पहुंचाया. फिर चार लोगों ने मोर्चा संभाला और घनश्याम को स्ट्रेचर पर लिटाया और कंधे पर उठाकर उफनती नदी पार कराई गई.
ये कामेपुर घटोद की बाघादही नदी की घटना है. पुल न होने के चलते ग्रामीणों को घायल घनश्याम को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी दिक्कतें आईं. दरअसल पुल नहीं होने की वजह से ही कामेपुर गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी. ऐसे में भालू के हमले से गंभीर रूप से घायल किसान को कंधे पर रखकर चार लोगों ने उफनती नदी पार कराई.
पुल न होने की वजह से हमारे गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंची, इसलिए पहले बाइक से नदी तक लाए, फिर स्ट्रेचर में लिटाकर कंधे पर उठाया और नदी पार कराए-ग्रामीण
108 से घायल मरीज को गरियाबंद जिला अस्पताल लाया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है. वन विभाग की तरफ से घायल शख्स को राहत राशि दी गई है.

