टनकपुर में पेड़ से गिरकर चोटिल हुई महिला, अस्पताल पहुंचाने के लिए चार किमी डोली पर लादकर चले ग्रामीण
टनकपुर तहसील के कोट केंद्री गांव में पेड़ से गिरी महिला, ग्रामीणों ने डोली पर लादकर पहुंचाया अस्पताल, सरकार के दावों की खुली पोल

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 8, 2026 at 4:54 PM IST
|Updated : January 8, 2026 at 5:19 PM IST
चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक घायल महिला को डोली के सहारे पहाड़ की पगडंडियों से पैदल अस्पताल ले जाने का वीडियो सामने आया है. यह वीडियो टनकपुर तहसील क्षेत्र के कोट केंद्री गांव का बताया जा रहा है. जहां चारा लेने जंगल गई एक महिला पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं. ऐसे में ग्रामीण घायल महिला को अस्पताल ले जाने के लिए उसे डोली पर लादकर चार किलोमीटर पैदल चले. तब जाकर सड़क मिली, फिर वहां से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया.
उत्तराखंड राज्य गठन के 25 सालों के बाद भी पर्वतीय जिलों के गांव आज भी सड़क विहीन हैं. इसी कड़ी में आदर्श जिला चंपावत की तस्वीर को धुंधला करता एक वीडियो सामने आया है. जिसमें घायल महिला को कई किलोमीटर पैदल डोली में लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाने की ग्रामीणों की जद्दोजहद साफ देखी जा सकती है. यह तस्वीर कोट केंद्री गांव में सड़क न बनने का दर्द भी बयां कर रही है. जो बताती है कि ग्रामीण कितने कष्ट को झेलने को मजबूर हैं.
चारा काटते समय पेड़ से गिर गई थी महिला: जानकारी के मुताबिक, बीती 5 जनवरी को टनकपुर के कोट केंद्री की पुष्पा देवी पत्नी रतन सिंह (उम्र 35 वर्ष) दोपहर के समय बकरी का चारा काटते समय पेड़ से गिर गई थी. जिससे पुष्पा देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थी. ऐसे में घायल पुष्पा देवी को इलाज की जरूरत थी, लेकिन गांव या आसपास इलाज की कोई व्यवस्था न होने पर टनकपुर उप जिला अस्पताल ले जाने की नौबत आ गई.
घायल महिला को 4 किमी डोली पर लादकर अस्पताल निकले ग्रामीण: वहीं, एक और मुसीबत ये थी कि गांव से सड़क करीब 4 किलोमीटर की दूरी है. ऐसे में घायल महिला को मुख्य सड़क फिर अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली का इंतजाम किया. जिसके बाद ग्रामीण लक्ष्मण सिंह, मदन, मोहन सिंह, दीपक सिंह आदि ने महिला को डोली पर बिठाया, फिर मुख्य सड़क तक पहुंचाया.

मुख्य सड़क पर स्थित भैरव मंदिर से घायल महिला को 20 किमी दूर वाहन से टनकपुर अस्पताल तक पहुंचाया. जहां पर महिला का उपचार चल रहा है. बताया जा रहा है कि उपचार के बाद महिला की हालत में सुधार हो रहा है. वहीं, यह वीडियो इसलिए भी चर्चाओं है कि जब सूबे के मुख्यमंत्री की विधानसभा सीट के लोग आज भी सड़क विहीन हैं, तो अन्य दूरस्थ क्षेत्रों का क्या हाल होगा?

"कोट केंद्री तक सड़क न होने से लोगों को परेशानी हो रही है. पोथ से कोट केंद्री होते हुए सेलागाड़ तक की सड़क की लंबे समय से मांग की जाती रही है, लेकिन सड़क का सपना साकार देश आजादी से अभी तक नहीं हो सका है."- पंकज तिवारी, ग्राम प्रधान, पूर्णागिरि (कालीगूंठ)
सड़क का हो चुका सर्वे: कुछ समय पहले पोथ से कोट केंद्री होते हुए सेलागाड़ तक की सड़क का लोक निर्माण विभाग ने सर्वे जरूर किया था, लेकिन धरातल पर काम सिर्फ सर्वे तक ही सीमित नजर आ रहा है. इसी तरह पूर्णागिरि क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र की मांग भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है. सड़क और स्वास्थ्य सुविधा न होने के चलते ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है.
"18 किलोमीटर लंबी पोथ से कोट केंद्री होते हुए सेलागाड़ तक की सड़क की स्वीकृति की प्रक्रिया गतिमान है."- मोहन चंद्र पलड़िया, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग चंपावत खंड
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