रामगढ़ सड़क हादसा: मुआवजा और अन्य मांगों पर बनी सहमति, ग्रामीणों ने हटाया सड़क जाम
रामगढ़ सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ ग्रामीणों का प्रदर्शन समाप्त हो गया है. प्रशासन के साथ बैठक में मुआवजा पर सहमति बन गई है.

Published : June 26, 2026 at 10:25 PM IST
रामगढ़: जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग के पास हुए भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों का प्रदर्शन और चक्का जाम प्रशासनिक पहल पर समाप्त हो गया.
प्रशासन के साथ 10 शर्तों पर सहमति बनने के बाद ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने आंदोलन समाप्त किया. बैठक में एसडीओ, एसडीपीओ, गोपनीय पदाधिकारी, चित्तरपुर सीओ ग्रामीण और मृतकों के परिजन मौजूद रहे.
इस मांगों पर बनी सहमति
अनुबंध पर सभी मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नियोजन, मृतकों के आश्रित बच्चों को नियमानुसार शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षा, एमवीआई एक्ट के तहत जल्द मुआवजा देने पर सहमति, नियमानुसार सरकारी आवास योजना के तहत आवास योजना का लाभ, चिन्हित ब्लैक स्पॉट एरिया में लाइट, बैरियर और सुरक्षा के प्रबंध का आश्वासन, जांच समिति गठित करने का आश्वासन, मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये नकद दिया गया.
घंटों जाम रहा रामगढ़-बोकारो एनएच 23
इसके पूर्व ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के बाद सातों मृतकों के शवों को एम्बुलेंस से मरांगमर्चा लाया, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने रामगढ़-बोकारो एनएच 23 मुख्य मार्ग को जाम कर दिया था. सड़क पर एम्बुलेंस और अन्य वाहनों को खड़ा कर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया था. जिससे सड़क की दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी और यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा था.

शुरुआती बातचीत रही थी बेनतीजा
इसके पूर्व सदर अस्पताल परिसर में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कई दौर की वार्ता हुई थी, लेकिन शुरुआती बातचीत बेनतीजा रही थी. इसके बाद ग्रामीण शवों को लेकर मरांगमर्चा पहुंचे थे और मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया था. बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर डटे रहे और प्रशासन से ठोस आश्वासन की मांग करते रहे.

कई घंटे तक चली वार्ता के बावजूद जिला प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बन सकी थी. मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं निकल पाया था. ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े थे और प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे.
बैठक में बनी सकारात्मक सहमतिः शहजाद अनवर
मौके पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शहजाद अनवर ने कहा कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक सहमति बन गई है. उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ आजीविका से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी प्रशासन ने सहमति जताई है.
लिखित समझौते के बाद जाम समाप्त
वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बिहारी महतो ने कहा कि ग्रामीण किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों को उनका अधिकार दिलाने के लिए सड़क पर उतरे हैं. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर सहमत नहीं होता तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. हालांकि लिखित समझौते के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया और आवागमन सामान्य हो गया.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि गुरुवार देर रात रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग के पास कोयला लदे ट्रक ने ताशा पार्टी के कलाकारों को लेकर जा रहे सवारी वाहन को टक्कर मार दी थी. हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम के बाद सात मृतकों के शव रामगढ़ के मरांगमर्चा गांव लाए गए, जहां अंतिम संस्कार से पहले मुआवजे की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन हुआ.
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