बच्चा चोर की अफवाह की चपेट में बाल गृह की टीम, ग्रामीणों ने घेरा, की मारपीट!
बच्चा चोर की अफवाह में पलामू में बाल गृह की टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया.

Published : June 20, 2026 at 8:04 PM IST
|Updated : June 20, 2026 at 8:13 PM IST
पलामूः जिला पुलिस की सक्रियता से एक बड़ी मॉब लिंचिंग की घटना रुकी है. पलामू बाल गृह से शनिवार को तीन बच्चे भाग गए थे. बाल गृह की टीम भागे हुए बच्चों को रेस्क्यू करने गई थी. इसी क्रम में लोगों ने बाल गृह की टीम को बच्चा चोर समझ लिया और उनको पकड़ लिया.
दरअसल, शनिवार को नावाबाजार थाना क्षेत्र से बाल श्रम को लेकर अभियान चलाया गया और तीन बच्चों का रेस्क्यू किया गया. रेस्क्यू के बाद तीनों बच्चों को बाल गृह में रखा गया. शनिवार को दोपहर बाद बाल गृह से तीनों बच्चे भाग गए. तीनों बच्चों को ढूंढने के लिए बाल ग्रह की टीम खुद से नावाबाजार के इलाके में पहुंची.
बाल गृह की टीम बच्चों को लेकर मेदिनीनगर वापस लौट रही थी. इसी क्रम में टाउन थाना क्षेत्र के बीसफूटा के पास लोगों ने उन सभी को बच्चा चोर समझ लिया. बड़ी संख्या में भीड़ ने सभी को घेर लिया और टीम के साथ मारपीट भी की. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद टाउन थाना के टीओपी 3 के प्रभारी समय राम के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंची और सभी को ग्रामीणों की भीड़ से बचा लिया.
बाल गृह से बच्चों के भागने की जानकारी वरीय अधिकार, सीडब्ल्यूसी और थाना के साथ साझा नहीं की गई थी. घटना होने के बाद सभी को बच्चों के भागने की जानकारी हुई. सामाजिक सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक पीयूष कुमार ने बताया कि पूरे मामले में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही वार्डन से स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है. इस मामले में कार्रवाई की जाएगी.
इसको लेकर टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार ने बताया कि बच्चों की भागने की जानकारी थाना के साथ साझा नहीं की गई थी. पुलिस ने सभी का रेस्क्यू कर लिया है मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है. सीडब्लूसी के सदस्य रवि शंकर ने बताया कि बच्चों की भागने की जानकारी नहीं दी गई थी. शनिवार को सभी बच्चों को बाल श्रम के खिलाफ अभियान में रेस्क्यू किया गया था.
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