जींद के जवान की ह्रदय गति रुकने से मौत, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, 2 दिन बाद थी शादी की सालगिरह
जींद के जवान मनीष कुमार की पश्चिम बंगाल में दिल की धड़कन रुकने के कारण मौत हो गई. सैन्य सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार.


Published : December 20, 2025 at 10:56 AM IST
|Updated : December 20, 2025 at 11:30 AM IST
जींद: हरियाणा में जींद के नरवाना उपमंडल के गांव सुलहेड़ा के जवान का बीमारी के चलते निधन हो गया. सुलहेड़ा गांव के मनीष कुमार (29) साल की उम्र में ही मौत हो गयी. मनीष कुमार की मौत का समाचार जैसे ही गांव पहुंचा, तो पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया. मृतक के परिवार को ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीण घर पहुंचे. सुलहेड़ा निवासी मनीष कुमार इस समय पश्चिम बंगाल में तैनात थे. ह्रदय गति रुकने के चलते उनकी मौत हो गई.
9 सालों से भारतीय आर्मी में दे रहे थे सेवा: मनीष कुमार विवाहित थे और उनकी शादी को महज 6-7 ही साल हुए थे. मनीष के बच्चे नहीं है. मनीष कुमार ने 12वीं क्लास तक पढ़ाई की हुई थी. करीब 9 सालों से भारतीय आर्मी सेवा में अपनी सेवाएं दे रहे थे. उनके परिवार में मां-बाप और एक छोटा भाई है. मनीष कुमार का छोटा भाई भी फौज की तैयारी कर रहा है. मनीष के माता-पिता दिहाड़ी, मजदूरी का काम करते हैं. मनीष ने अपनी पढ़ाई अपने मामा के यहां रह कर पावड़ा गांव में पूरी की थी.
फिजिकल ट्रेनिंग के दौरान हादसा: मनीष कुमार पश्चिमी बंगाल में ड्यूटी के दौरान शुक्रवार सुबह फिजिकल ट्रेनिंग कर रहे थे. उसी दौरान मुंह व नाक से खून आने के कारण उनकी मौत हो गई. उनकी मौत होने पर पार्थिव शरीर को पहले दिल्ली लाया गया. उसके बाद आर्मी एंबुलेंस के जरिए नरवाना लाया गया. जहां हिसार से सैन्य वाहन में उनके पार्थिव शरीर को गांव सुलहेड़ा ले जाया गया.
छोटे भाई ने पार्थिव शरीर को दी मुखाग्नि: प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार रणबीर सिंह, डीएसपी कमलदीप राणा ने मुनीष कुमार को श्रद्धांजलि दी. वहीं, मनीष के पिता जगदीश को देश की शान तिरंगा झंडा दिया गया. बलिदानी मनीष के छोटे भाई सोनू ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी. इससे पहले 8 मेक की टुकड़ी ने मातमी धुन बजाकर व हवाई फायर कर अंतिम सलामी दी. बलिदानी मनीष कुमार के भाई सोनू बताया कि "मुनीष 15 जून, 2015 को जालंधर में टेटोरियल आर्मी में भर्ती हुए थे. डेढ़ साल पहले ही उनके द्वारा पेपर पास करने के बाद डिफेंस साइंस बोर्ड में चले गए. वह सिपाही के पद पर पश्चिमी बंगाल में एयर फोर्स कैंप में ड्यूटी पर तैनात थे.
दो दिन बाद थी शादी की सालगिरह: मनीष कुमार के भाई सोनू ने बताया कि "उनके भाई मनीष की शादी 21 दिसंबर 2017 को जिला फतेहाबाद के गांव गोरखपुरा में सुशीला के साथ हुई. उनकी दो दिन बाद ही 21 दिसंबर को शादी की 8वीं सालगिरह थी. उसको लेकर परिवार में खुशी का माहौल था. लेकिन उनका तिरंगा में लिपटा शव आने पर परिवार में गम का माहौल है". वहीं, स्वजनों ने बताया कि मनीष की कोई संतान नहीं थी. अब सबसे बड़ी मुसीबत सुशीला यानी मनीष कुमार की पत्नी को है. वह किसके सहारे अपनी जिंदगी काटेगी, उसके ये दुख भरे दिन कैसे कटेंगे.
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