विकसित भारत-जी राम जी कानून 2025: बीजेपी ने बताया मनरेगा से ज्यादा पारदर्शी और रोजगार बढ़ाने वाला
सूरजपुर के अटल भवन में पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर जी राम जी की खूबियां गिनाई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 7, 2026 at 6:45 PM IST
सूरजपुर: विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 को लेकर सियासी जंग जारी है. कांग्रेस जहां इसे महात्मा गांधी का अपमान बता रही है, वहीं बीजेपी इसे मनरेगा से भी बेहतर बता रही है. खुद सीएम विष्णु देव साय ने भी आज जी राम जी की तारीफ करते हुए कहा, यह मनरेगा से भी बेहतर योजना है. इस योजना के माध्यम से लोगों को पहले से ज्यादा दिन का रोजगार मिलेगा. और जब खेती किसान की पीक टाइम होगा तब यह योजना बंद होगी. जिसका मकसद होगा किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देना. सीएम ने कहा कि मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं किया गया तो, विलंब राशि भी देने की व्यवस्था है.
विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025
सूरजपुर के अटल भवन भाजपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर, बीजेपी नेता अखिलेश सोनी ने योजना के फायदे गिनाए. अखिलेश सोनी ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का प्रमाण है. सोनी ने कहा कि साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने संसद में अपने पहले भाषण में ही स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार गरीबों के लिए समर्पित रहेगी. पीएम उसी भावना के अनुरूप घर-घर बिजली, शौचालय, आवास और जनधन खाते जैसी ऐतिहासिक योजनाएं पहुंचा रहे हैं.
मनरेगा योजना का उन्नत और अधिक प्रभावी रूप बताया
बीजेपी नेता ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम मनरेगा योजना का उन्नत और अधिक प्रभावी रूप है. कई मायनों में मनरेगा इससे बेहतर है. जहां 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी. इससे मजदूरों की आमदनी में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होगी.
7 दिनों के भीतर होगा भुगतान
अखिलेश सोनी ने बताया कि मजदूरी भुगतान अब 7 दिनों के भीतर किया जाएगा. यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होता है तो विलंब भुगतान पर अतिरिक्त राशि मजदूरों को दी जाएगी, जिसे ब्याज की तरह माना जा सकता है. सोनी ने कहा कि इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान होगा.
खेती-किसानी के कार्यों को सुरक्षित रखने के लिए भी अधिनियम में महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है. बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध हों और कृषि गतिविधियाँ प्रभावित न हों. इससे ग्रामीण पलायन भी रुकेगा और कृषि उत्पादन को स्थिरता मिलेगी: अखिलेश सोनी, प्रदेश महामंत्री. भाजपा
फर्जी मस्टर रोल से मिलेगा निजात
अखिलेश सोनी ने कहा कि मनरेगा में पहले फर्जी मस्टर रोल, मशीनों के उपयोग और धांधली की शिकायतें मिलती थी. लेकिन नए अधिनियम सारी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी और पारदर्शिता बढ़ेगी. वास्तविक मजदूरों को सीधे लाभ मिलेगा. यह अधिनियम ग्रामीण विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा.
इन कामों पर होगा फोकस
विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा, जिसमें जल, सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन शामिल है. साथ ही जल संरक्षण, नदी-नालों के सुधार, कटाव रोकने तथा सिंचाई संरचनाओं के विकास जैसे कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे.
इस अधिनियम के माध्यम से कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी. ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं लगातार आय के नए अवसर बनेंगे. पीएम गति शक्ति जैसी राष्ट्रीय योजनाओं को भी इससे बल मिलेगा.
अक्षय ऊर्जा क्रेडा के अध्यक्ष ने गिनाए फायदे
रायगढ़ में प्रदेश के अक्षय ऊर्जा क्रेडा अध्यक्ष ने मोदी सरकार के द्वारा, रोजगार गारंटी योजना में किए गए सुधारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि मनरेगा मौजूद विसंगतियों को दूर करने एवं मोदी सरकार के विकसित भारत की कल्पना को साकार करने के लिए मनरेगा में सुधारों को लागू किया गया. भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो ये पीएम चाहते हैं.

