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मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए समरूप योजना पर विचार कर रही सुक्खू सरकार, PWD में 6 हजार की पगार पर काम कर रहे 4827 MTW

हिमाचल में लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों में कार्यरत मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए सरकार समरूप योजना बनाने पर कर रही विचार.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा
हिमाचल प्रदेश विधानसभा (Himachal Assembly FILE)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 22, 2026 at 3:14 PM IST

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शिमला: शिमला सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे एमटीडब्ल्यू यानी मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए समरूप योजना बनाने के लिए विचार कर रही है. इस समय हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स की संख्या 4827 है. ये सभी मल्टी टास्क वर्कर 6000 रुपए महीना मानदेय प्राप्त कर रहे हैं. इन्हें रविवार के अवकाश के अलावा साल में तीन गजेटिड होलीडे मिलते हैं.

इनके अलावा अन्य विभागों में कार्यरत एमटीडब्ल्यू के लिए राज्य सरकार समरूप यानी एक जैसी योजना बनाने पर विचार कर रही है. ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में सामने आई. मानसून सेशन के दूसरे दिन भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी ने मल्टी टास्क वर्कर्स से जुड़ा सवाल किया था. सवाल अतारांकित था और ये प्रश्न संख्या 1716 के रूप में प्रश्नकाल में दर्ज था. इसका लिखित जवाब लोक निर्माण मंत्री की तरफ से दिया गया.

सुरेंद्र शौरी जानना चाहते थे कि लोक निर्माण विभाग में कितने मल्टी टास्क वर्कर्स काम कर रहे हैं, इन्हें कितना मानदेय दिया जाता है, इनका मानदेय कब बढ़ाया गया और इनसे कितने घंटे काम लिया जाता है? भाजपा सदस्य ये भी जानना चाहते थे कि क्या सरकार इनके लिए स्थाई नीति बनाने का विचार रखती है?

लिखित जवाब में लोक निर्माण मंत्री की तरफ से जानकारी दी गई कि उनके विभाग में 4827 एमटीडब्ल्यू काम कर रहे हैं. राज्य सरकार ने विगत तीन साल के अंतराल में इनके वेतन में 1500 रुपए की बढ़ोतरी की है. मल्टी टास्क वर्कर (लोक निर्माण विभाग)2022 के तहत इनके कार्य घंटे तय करने वाला कोई प्रावधान नहीं है.

विभाग के जेई इनके लिए हफ्ते के काम का चार्ट तैयार करते हैं. जरूरत के अनुसार इन्हें कार्य दिया जाता है. तय औद्योगिक नियमों के तहत इन्हें रविवार का अवकाश व तीन राजपत्रित अवकाश प्रदान किए जाते हैं. सरकार समय-समय पर इनके वेतन में बढ़ोतरी करती है. इसके अलावा सभी विभागों के एमटीडब्ल्यू के लिए सरकार समरूप योजना बनाने पर विचार कर रही है.

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