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हिमाचल में मानसून की दुश्वारियों से निपटेंगे 15,365 कर्मचारी, PWD तैनात करेगा इतनी मशीनें

मानसून सीजन में आपदा से निपटने के लिए मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की ली मीटिंग.

कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह की PWD अधिकारियों के संग बैठक
कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह की PWD अधिकारियों के संग बैठक (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 7, 2026 at 8:12 PM IST

4 Min Read
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शिमला: हिमाचल में मानसून की दस्तक के साथ ही सरकार ने भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली है. पिछले तीन वर्षों में बरसात के दौरान हुई जान-माल की भारी क्षति से सबक लेते हुए इस बार लोक निर्माण विभाग ने रिकॉर्ड स्तर पर मानव संसाधन, मशीनरी और आपातकालीन व्यवस्थाओं को सक्रिय किया है.

हिमाचल प्रदेशभर में करीब 15,365 कर्मचारियों (11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर) की तैनाती के साथ 1,156 विभागीय एवं निजी मशीनें, 6 बेली ब्रिज, 24×7 कंट्रोल रूम और अतिरिक्त निजी मशीनों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. इतना ही नहीं, मानसून शुरू होने से पहले 155.95 किलोमीटर सड़कों पर नई परत, 924.94 किलोमीटर पैचवर्क, 8,893.58 किलोमीटर ड्रेनेज चैनलों की सफाई और 9,414 किलोमीटर कलवर्टों की सफाई का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, ताकि बारिश के दौरान सड़क संपर्क बाधित होने की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके.

युद्ध स्तर पर तैयारी

इन्हीं तैयारियों की समीक्षा को लेकर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें मॉनसून सीजन के दौरान संभावित चुनौतियों, सड़कों के रखरखाव, आपदा प्रबंधन, संपर्क मार्गों की बहाली और अग्रिम निवारक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई. लोक निर्माण मंत्री ने अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयार रहने के निर्देश दिए.

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "लोक निर्माण विभाग के 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर प्रदेश के किसी भी हिस्से में सड़क संपर्क बाधित होने पर तत्काल बहाली के लिए पूरी तरह सक्षम हैं. इसके अलावा 1,156 विभागीय एवं निजी मशीनें, जिनमें जेसीबी, डोजर, रोबोट और टिप्पर शामिल हैं, चौबीसों घंटे सड़क बहाली कार्य के लिए उपलब्ध रहेंगी. आवश्यकता पड़ने पर 6 बेली ब्रिज भी तत्काल स्थापित किए जा सकेंगे".

ड्रेनेज और कलवर्ट की सफाई

लोक निर्माण मंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही मशीनरी, बेली ब्रिज और आवश्यक निर्माण सामग्री की उपलब्धता करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त निजी मशीनों की उपलब्धता के लिए अग्रिम टेंडर प्रक्रिया भी पूरी करने को कहा. बैठक में बताया गया कि बरसात शुरू होने से पहले विभाग ने 155.95 किलोमीटर सड़कों पर नई परत बिछाने, 924.94 किलोमीटर सड़कों पर पैचवर्क, 8,893.58 किलोमीटर ड्रेनेज चैनलों तथा 9,414 किलोमीटर कलवर्टों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया है. मंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान भी नियमित अंतराल पर ड्रेनेज और कलवर्ट की सफाई जारी रखी जाए, ताकि जलभराव और सड़क क्षति जैसी समस्याओं से बचा जा सके.

नुकसान के फोटो और वीडियो भी कराएं उपलब्ध

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अधिकारियों को अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, शिक्षण संस्थानों, अग्निशमन केंद्रों, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों तक निर्बाध सड़क संपर्क बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. इसके अलावा अपने अपने क्षेत्रों में संवेदनशील सड़कों और पुलों की सूची तैयार कर उनका आकलन करने और भूस्खलन संभावित स्थलों की पहचान कर लगातार निगरानी रखने को भी कहा.

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बारिश के दौरान भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ से होने वाले नुकसान की जानकारी तत्काल राजस्व विभाग के साथ साझा की जाए. जिसके साथ में फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए जाएं. इसके साथ ही पूरे मानसून सीजन के दौरान 24×7 नियंत्रण कक्ष संचालित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

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