शक्कर की बढ़ती कीमतों पर अनोखा विरोध प्रदर्शन, विकास उपाध्याय ने छोटी डिब्बियों में बीजेपी नेताओं को भेजी चीनी
विकास उपाध्याय ने लिफाफे में शक्कर की डिब्बी के साथ बीजेपी के जनप्रतिनिधियों को भेजा पत्र, कहा- त्योहारों को बीजेपी ने किया फीका

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 22, 2026 at 9:12 PM IST
रायपुर: देशभर में शक्कर के दाम बढ़ने के साथ ही इस पर सियासी बयानबाजी और अनोखे प्रदर्शन भी हो रहे हैं. त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले शक्कर और गुड़ की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय केंद्र सरकार पर निशाना साधा. साथ ही शक्कर को छोटी-छोटी डिब्बी में डालकर भाजपा के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को डाक से भेजकर अनोखे अंदाज़ में विरोध दर्ज कराया.
एथेनॉल उत्पादन में गन्ने का इस्तेमाल बढ़ा
विकास उपाध्याय ने दावा किया कि गन्ने का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ने से शक्कर की उपलब्धता और कीमतों पर सीधा असर पड़ा है. आज की तारीख में शक्कर प्रति किलोग्राम 70 रुपए पर पहुंच गया है. इसके साथ ही गुड़ के दाम में भी तेजी आई है. ऐसे में आने वाले दिनों में आम जनता शक्कर को प्रति किलोग्राम ना खरीद कर ग्राम में खरीदेंगे. प्रदेश के बीजेपी जनप्रतिनिधियों को एक-एक डिब्बी शक्कर के साथ ही शक्कर के बढ़े हुए दाम को लेकर एक पत्र भी भेजा है.
सरकार ने निर्यात रोका
कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में महंगाई सर चढ़कर बोल रही है. वर्तमान में प्रति किलोग्राम शक्कर 70 रुपए पर पहुंच गई. एक तरफ सरकार ने निर्यात रोक दिया है. दूसरी तरफ एथेनॉल की वजह से जिस प्रकार से शक्कर के दाम बढ़े हैं आने वाले दिनों में भारतीयों के प्रमुख त्यौहारों को फीका किया जा रहा है.
रक्षाबंधन उसके बाद कृष्ण जन्माष्टमी गणेश उत्सव का पर्व होगा. नवरात्रि का पर्व होगा. आने वाले दिनों में इस तरह के तमाम त्योहारों की शुरुआत होने वाली है. उस दरमियान शक्कर के दाम बढ़े रहेंगे तो आप समझ लीजिए कि भारतीयों का त्योहार को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने फीका कर दिया है.- विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक
स्मृति ईरानी को भी भेज रहे पत्र
विकास उपाध्याय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ के मंत्री, छत्तीसगढ़ के सांसद और राज्यसभा सांसद को डिब्बी में भरकर शक्कर हम लोग भेज रहे हैं. क्योंकि अब आदमी शक्कर खरीद नहीं सकता. ऐसी स्थिति में आम आदमी को डिब्बी में शक्कर खरीदना होगा. शक्कर को ग्राम में लेना होगा. इसलिए शक्कर से भरी इन डिब्बियों को लिफाफे में डालकर एक पत्र लिखकर भारतीय जनता पार्टी के सभी जनप्रतिनिधियों भेजने के साथ ही इसे स्मृति ईरानी को भी भेज रहे हैं. जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर 13 रुपए प्रति किलोग्राम शक्कर देने घोषणा की थी.

'झूठे वादे कर सत्ता में आई बीजेपी'
भारतीय जनता पार्टी को शर्म आनी चाहिए. भारतीय जनता पार्टी की सरकार राज्यों में है. देश में है. झूठे वादों को लेकर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई थी. अब जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है. जिस प्रकार से जनता ने विश्वास किया था. भारतीय जनता पार्टी को बहुमत दिया था. सरकार उनकी बनी है. भारतीय जनता पार्टी की सरकार में हर चीज को महंगा करके आम आदमी के जीवन को बदहाल कर दिया है.

