6 साल में 4340 नक्सलियों का सरेंडर, 3644 गिरफ्तार, 48 हथियार लूटे, पुनर्वास नीति के तहत 10 करोड़ से ज्यादा की राशि आवंटित, 2900 से ज्यादा नक्सली पुनर्वासित: विजय शर्मा
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि नक्सलियों की दो कैटेगिरी होती है. 100 मुख्य कैडर है, उसके अलावा अन्य की अलग श्रेणिया बनती है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 26, 2026 at 2:45 PM IST
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन सदन में नक्सलियों का मुद्दा गूंजा. चरणदास महंत ने नक्सलियों द्वारा पुलिस और सुरक्षा बलों से लूटे गए हथियारों को लेकर प्रश्न किया, साथ ही ये भी पूछा कि साल 2020 से अब तक नक्सलियों के सरेंडर, गिरफ्तारी और मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की जानकारी मांगी. विधायक विक्रम मंडावी ने छत्तीसगढ़ में नक्सल पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर इनामी नक्सलियों को दी जाने वाली राशि को लेकर प्रश्न किया. जिसका जवाब गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन में दिया.
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने पूछा प्रश्न
जनवरी 2026 तक मुठभेड़ों के दौरान नक्सलियों ने साल 2019-20 से जनवरी 2026 तक कितने हथियार लूटे. साल 2020 से अब तक कितने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है? कितने गिरफ्तार हुए और पुलिस मुठभेड़ों में कितने नक्सली मारे गए? मारे गए, गिरफ्तार किए गए और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से कितने और कौन से हथियार बरामद या जब्त किए गए?
गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया ये जवाब
समीक्षाधीन अवधि के दौरान मुठभेड़ों में नक्सलियों द्वारा पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों से 48 हथियार छीन लिए गए. पिछले छह वर्षों में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ों के दौरान और आत्मसमर्पण करने वाले और गिरफ्तार नक्सलियों से 989 हथियार बरामद किए गए. जिनमें एके-47, इंसास और एसएलआर राइफलें शामिल हैं.
6 साल में 4340 नक्सलियों का सरेंडर
विजय शर्मा ने बताया कि 1 जनवरी, 2020 से 31 जनवरी, 2026 तक 4340 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया.
3644 नक्सली गिरफ्तार, 666 नक्सली ढेर
गृहमंत्री ने बताया कि 6 सालों में मुठभेड़ों में 3644 नक्सली गिरफ्तार किए गए और 666 माओवादी मारे गए.
इससे पहले विधायक विक्रम मंडावी ने इनामी नक्सलियों के सरेंडर और उन्हें दी जाने वाली राशि के बारे में सदन में सवाल उठाया.
विधायक विक्रम मंडावी ने पूछा ये प्रश्न
1496 इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इनकी कुल घोषित राशि कितनी है.
गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया जवाब
कुल पुनर्वास 2937 लोगों का है, जिसमें 1496 इनामी नक्सली वे है जो 100 कैटेगिरी के हैं. 1441 उस कैटेगिरी से बाहर के हैं, जिनमें मिलीशिया सदस्य, मिलीशिया, डीकेएमएस के हैं. 1496 इनामी नक्सलियों के लिए कुल 5 करोड़ 64 लाख है, जो इनको तीन वर्ष के बाद मिलेगी. जो इनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी. अभी 50- 50 हजार रुपये की राशि दी गई है. बाकी की 49 करोड़ 34 लाख 50 हजार की राशि दी जानी है.
विधायक विक्रम मंडावी का अगला सवाल
49 करोड़ 34 लाख 50 हजार की राशि में से कितनी राशि इनामी सरेंडर नक्सलियों को दी जा चुकी है.
गृह मंत्री विजय शर्मा का जवाब
जो इनाम की राशि तीन साल के बाद मिलती है. आप बस्तर के है तो आपको पता होनी चाहिए. प्रारंभिक 50 हजार की राशि दे दी गई है, जो 5 करोड़ 64 लाख है. अब इस राशि को 1496 से मत जोड़िएगा. उसमें अंतर है. 1 अप्रैल 2023 से 5 अप्रैल 2023 तक पुरानी व्यवस्था लागू थी, जिसमें 10 हजार रुपये इनामी सरेंडर नक्सली को दिए जाते थे. 1496 से 50 हजार का गुणा कर आप कहेंगे और कहेंगे ये कुल राशि नहीं आ रही है लेकिन मैं आपको बता दूं कि इसमें तीन योजनाएं लागू हो रही है.
- 5 सरेंडर नक्सलियों को 10 हजार के हिसाब से
- 415 नक्सलियों को 25 हजार के हिसाब से
- 929 नक्सलियों को 50 हजार के हिसाब से दिया गया.
विधायक विक्रम मंडावी ने फिर पूछा
मैं जानना चाहता हूं कि अब तक कितनी राशि सरेंडर नक्सलियों का भुगतान हुआ है.
गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया ये जवाब
5 करोड़ 64 लाख दिया गया है. 49 करोड़ 34 लाख 50 हजार की राशि दी जानी है.
विधायक विक्रम मंडावी ने पूछा "आपने जो जवाब दिया है कि अब तक दो सरेंडर नक्सलियों को ही 5 लाख की राशि दी गई है. संशोधित वाला ही पढ़ रहा हूं." इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया "आप अपनी प्रश्नाअवधि पर ध्यान दें. आप की प्रश्नावधि में तीन वर्ष पूरे नहीं होते हैं."
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा -"मैंने प्रश्न 2023 से वर्तमान समय तक की जानकारी मांगी थी." गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया "अभी वर्तमान में क्या तीन वर्ष पूरे हो गए हैं. आप समझो मेरी बात को. आप अपनी प्रश्न समझ लीजिए फिर बताइएगा."
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा-"बाकी की राशि का वितरण सरेंडर इनामी नक्सलियों को कब दी जाएगी." गृह मंत्री विजय शर्मा का जवाब-"नक्सलियों को राशि देने की प्रक्रिया होती है. इसमें जांच की प्रक्रिया होती है. जो पुनर्वास करते हैं उनके जिलास्तर पर प्रदेश स्तर पर समिति होती है. वर्तमान में 92 प्रकरण ऐसे हैं जिनको प्रदेशस्तर की समिति से अनुशंसा की जा चुकी है. उनको राशि दी जा चुकी है, बैंक से 3 साल के बाद ये राशि निकाल सकेंगे."
विधायक विक्रम मंडावी ने अंत में सवाल किया-आत्मसमर्पित नक्सली को पदवार और यदि हथियार लेकर आते हैं तो कितनी राशि दी जाती है. गृह मंत्री विजय शर्मा ने उत्तर दिया-"छत्तीसगढ़ नक्सल पुनर्वास नीति के तहत जो प्रावधान बनाए गए है उसी के अनुसार सरेंडर नक्सलियों को राशि दी जाती है. उन पर इनाम की राशि औऱ हथियारों की राशि उल्लेखित है. सीसीएम को 40 लाख रुपये, एसजेडसीएम को 25 लाख रुपये, सीवाईपीपी पीसीएम को 8 लाख रुपये, बटालियन सदस्य को 8 लाख रुपये डीवीसीएम को 8 लाख रुपये दिए जाते हैं. "

