इंग्लैंड से चरखी दादरी पहुंचा विजय का शव, फूट-फूट कर रोया पूरा परिवार, पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार
चरखी दादरी में विजय कुमार का शव इंग्लैंड से 25 दिन बाद पहुंचा और अंतिम संस्कार किया गया.

Published : December 19, 2025 at 3:01 PM IST
चरखी दादरी: चरखी दादरी के गांव जगरामबास निवासी विजय कुमार श्योराण का शव 25 दिन बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा. विजय जीएसटी इंस्पेक्टर पद से वीआरएस लेकर उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए थे. उनकी हत्या के बाद शव लंबे समय तक विदेश में अटका रहा.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: गांव में शव पहुंचते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया. शव को देखकर विजय की मां सरोज बेसुध हो गई. बाद में उसने अपने बेटे के सिर पर हाथ रखकर कहा कि, "बेटा तू दोबारा जल्द आना और अपने बचे हुए काम पूरे करना." वहीं, मृतक की बहन मोनिका पार्थिव शरीर को देख चिल्ला उठी.
शव पहुंचने में हुई देरी: शव के साथ पहुंचे विजय के जीजा जितेंद्र कुमार ने बताया कि, "पुलिस पूरी मुस्तैदी से जांच में लगी थी. इंग्लैंड सरकार के नियमों के अनुसार पोस्टमार्टम प्रक्रिया के चलते शव को भारत लाने में इतना समय लग गया. विजय की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल वहां की प्रशासन जांच कर रही है. पुलिस जांच में पूरी तत्परता से लगी हुई है. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए." वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील ने कहा कि, "परिवार के दुःख में प्रशासन की पूरी मदद होनी चाहिए."
किया गया अंतिम संस्कार: शव गांव पहुंचते ही मृतक के पिता सुरेंद्र सिंह भावुक हो उठे और फफक-फफक कर रो पड़े. मृतक के बड़े भाई और सैनिक रवि कुमार ने बताया कि परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं. पूरे गांव में गमगीन माहौल बना रहा. शाम को शव का अंतिम संस्कार किया गया.
फरवरी में पढ़ने गए थे विजय: दरअसल, विजय कुमार इस साल 25 फरवरी में एमबीए की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड गए थे और मार्च 2026 में लौटने वाले थे. शव के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. हर आंखें नम थी और पूरे गांव में शोक का माहौल था. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है.
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