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रुड़की अस्पताल में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, सरकारी डॉक्टर ₹20 हजार रिश्वत के साथ गिरफ्तार

विजिलेंस टीम ने हरिद्वार के रुड़की सिविल अस्पताल में एक डॉक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया.

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विजिलेंस ने सरकारी डॉक्टर को ₹20 हजार रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया. (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 28, 2025 at 12:09 PM IST

2 Min Read
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रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में विजिलेंस की टीम ने सिविल अस्पताल से एक डॉक्टर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. टीम ने अस्पताल में डॉक्टर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. टीम द्वारा डॉक्टर से घंटों पूछताछ की गई, जिसके बाद टीम डॉक्टर को गिरफ्तार कर अपने साथ देहरादून ले गई. बताया गया है कि डॉक्टर द्वारा मारपीट मामले में लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट बनाने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की गई थी.

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर आभास सिंह का करीब एक माह पूर्व मसूरी से रुड़की के सिविल अस्पताल में ट्रांसफर हुआ. शनिवार रात को डॉक्टर आभास सिंह सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर थे. तभी अचानक देहरादून से विजिलेंस की टीम सिविल अस्पताल पहुंची और डॉक्टर आभास सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. इसके बाद टीम उन्हें लेकर उनके सरकारी आवास में गई और आवास में भी तलाशी ली. तलाशी के बाद विजिलेंस ने डॉक्टर आभास को आवास से गिरफ्तार किया.

देहरादून विजिलेंस टीम के मुताबिक, डॉक्टर आभास पर आरोप है कि मारपीट के मामले में घायल हुए एक व्यक्ति से लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट बनाने के नाम पर उन्होंने 30 हजार रुपयों की मांग की थी. जिस पर पीड़ित द्वारा इस बात की जानकारी देहरादून विजिलेंस की टीम को दी गई थी. योजना के मुताबिक, शनिवार देर शाम विजिलेंस टीम शिकायतकर्ता के साथ रुड़की सिविल अस्पताल पहुंची. शिकायतकर्ता ने डॉक्टर आभास को रुपए देने के लिए ब्लड बैंक के पास बुलाया.

शिकायतकर्ता ने केमिकल लगे हुए 20 हजार रुपये डॉक्टर आभास को जैसे ही दिए, उसी दौरान विजिलेंस की टीम ने डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया. इसके बाद टीम द्वारा चिकित्सक के घर की भी तलाशी ली गई और डॉक्टर से लंबी पूछताछ की गई. इसके बाद विजिलेंस की टीम डॉक्टर को अपने साथ देहरादून ले गई.

वहीं जब इस मामले में ईटीवी भारत ने रुड़की सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर संजय कंसल से फोन पर जानकारी जुटाने के लिए संपर्क किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

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