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भीख मांगकर विद्यामितानों का प्रदर्शन, सेवा सुरक्षा और संविलियन की मांग तेज

दुर्ग में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह क्षेत्र में राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) आंदोलन कर रहे हैं.

Protest by Vidyamitanins in Durg
दुर्ग में विद्यामितानिनों का प्रदर्शन (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : July 8, 2026 at 7:47 PM IST

3 Min Read
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दुर्ग: राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर 1 जुलाई से प्रदेशभर में हजारों अतिथि शिक्षक हड़ताल पर हैं. दुर्ग में बड़ी संख्या में शिक्षक धरना-प्रदर्शन कर समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा और संविलियन की मांग उठा रहे हैं. वे हर दिन अलग-अलग तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए शिक्षक सरकार से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.

भीख मांगकर प्रदर्शन

आंदोलन के आठवें दिन शिक्षकों ने भीख मांगकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की. इससे पहले वे एक पैर पर खड़े होकर प्रदर्शन कर चुके हैं और सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन भी कर चुके हैं.

दुर्ग में राज्य अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन (ETV BHARAT)

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 10 वर्षों से प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के शासकीय स्कूलों में नियमित शिक्षकों की तरह विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं. इसके बावजूद उन्हें केवल 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, वह भी साल में सिर्फ 10 महीने के लिए. गर्मी की छुट्टियों का वेतन, सेवा सुरक्षा और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उन्हें नहीं मिलतीं.

शिक्षकों का आरोप है कि हर नए शैक्षणिक सत्र में दोबारा नियुक्ति का इंतजार करना पड़ता है, जिससे नौकरी हमेशा असुरक्षित बनी रहती है. उनका कहना है कि जब कार्य नियमित शिक्षकों के समान है तो वेतन और सुविधाओं में इतना बड़ा अंतर क्यों रखा गया है.

11 साल से आवाज उठा रहे हैं. रायपुर में धरने पर बैठे थे. एक शिक्षक को सम्मान मिलना चाहिए. निवेदन करते करते 11 साल गुजर गए. हम कटोरा लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार हमारी उचित मांग पूरी कर दे. हमें कोई छुट्टी का प्रावधान नहीं है तो ऑनलाइन अटेंडेंस कैसे लगाएं. जिस दिन स्कूल नहीं जाते हैं तो हमारा वेतन काट दिया जाता है. हमारी मुख्य मांग संविलियन है. गर्मी में डेढ़ महीने का वेतन नहीं दिया जाता, जबकि काम लिया जाता है- उमेश कुमार वर्मा,अतिथि शिक्षक,कोंडागांव

बस्तर, सरगुजा में 11 साल से काम कर रहे हैं. हम उस समय से काम कर रहे हैं, जब अधिकारी भी वहां पहुंच नहीं पाते थे. हमारी मांग है कि रेग्युलर करें. सरकार संविलियन नहीं कर पा रही है तो कम से कम हमें बेसिक सैलरी दे दे फिर संविलियन कर दे. हम आठ दिन से डटे हैं. हमारी सैलरी सिर्फ 20 हजार है. जब नौकरी में लगे थे तो पेट्रोल 60 रुपए लीटर था, आज पेट्रोल का रेट 110 रुपए प्रति लीटर हो चुका है- टेकराम, अतिथि शिक्षक, कोंडागांव

मांगें नहीं मानने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

विद्यामितानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

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