विदिशा में सुरक्षित नहीं स्कूल, बच्चे के ऊपर गिरा छत का प्लास्टर, शाला प्रभारी निलंबित
विदिशा के गोपालनगर स्कूल हादसे में बड़ी कार्रवाई, शाला प्रभारी को किया निलंबित, उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस भेज 2 दिन में मांगा जवाब.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 5, 2026 at 7:00 PM IST
विदिशा: स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति और सिरोंज विकासखंड स्थित गोपालनगर शासकीय स्कूल में हुए हादसे पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. 4 दिन पहले स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जबकि 2 अन्य बच्चों को मामूली चोटें आई थीं. मामले की प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद माध्यमिक शाला गोपालनगर के शाला प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं, जनपद शिक्षा केंद्र के उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर 2 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
लंबे समय से छत से हो रहा था पानी का रिसाव
जिला कलेक्टर अंशुल गुप्ता के अनुसार "प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि विद्यालय की छत से लंबे समय से पानी का रिसाव हो रहा था. समय पर वाटरप्रूफिंग नहीं कराए जाने से छत की सरियों में जंग लग गई और प्लास्टर कमजोर होकर गिर गया, जिससे यह हादसा हुआ. जांच में यह भी पाया गया कि विद्यालय भवन के रखरखाव के लिए प्रतिवर्ष मिलने वाली शाला ग्रांट का आवश्यक उपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण भवन की स्थिति लगातार खराब होती चली गई."
शाला प्रभारी को किया गया निलंबित
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रावधानों और मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत माध्यमिक शाला गोपालनगर के शाला प्रभारी जनक खेस्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सिरोंज निर्धारित किया गया है. वहीं, इस दौरान नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.

जिला पंचायत सीईओ ने भेजा कारण बताओ नोटिस
जिला प्रशासन ने तकनीकी पर्यवेक्षण में लापरवाही को भी गंभीर माना है. जिला पंचायत सीईओ ने जनपद शिक्षा केंद्र सिरोंज के उपयंत्री अनिल शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस में कहा गया है कि विद्यालय भवनों का नियमित निरीक्षण, जर्जर भवनों का आकलन करना और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना उपयंत्री की जिम्मेदारी थी. बावजूद इसके गोपालनगर स्कूल की खराब स्थिति समय रहते चिन्हित नहीं की गई.
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित उपयंत्री विद्यालय भवन के निर्माण से जुड़ी मूल जानकारी भी उपलब्ध नहीं करा सके. ऐसे में उन्हें 2 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी संविदा सेवा समाप्त करने सहित एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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असुरक्षित भवनों में संचालित नहीं होगी कक्षाएं
जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार ने बताया कि "गोपालनगर स्कूल में हुई घटना की जांच कराई जा रही है. प्रारंभिक जांच के आधार पर जिला प्रशासन ने संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिले के सभी शासकीय विद्यालयों के भवन की स्थिति का परीक्षण कराया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन कक्षाओं की स्थिति जर्जर या असुरक्षित पाई जाएगी, उनमें विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी. ऐसे भवनों का तकनीकी मूल्यांकन कर आवश्यक मरम्मत का एस्टीमेट तैयार किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द सुधार कार्य कराए जा सकें.

