विदिशा में एक हफ्ते में 91 लोग आवारा कुत्तों के शिकार, दौड़ा-दौड़ाकर कर रहे हमला
विदिशा में तेजी से बढ़े डॉग बाइट के केस, शहरवासियों का बाहर निकलना भी मुश्किल, नसबंदी की तैयारी में नगर पालिका.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : November 10, 2025 at 6:29 PM IST
विदिशा: शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. सड़कों पर दिन-रात घूमते झुंड अब आम लोगों के लिए खौफ का कारण बन चुके हैं. सिर्फ पिछले एक हफ्ते में विदिशा जिला अस्पताल में 91 लोग कुत्तों के हमले का शिकार बने हैं, जिनमें स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं. इन घटनाओं से शहरवासियों में दहशत फैल गई है. लोग घर से बाहर निकलने से डरने लगे हैं. प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं.
'शहर वासियों का सुबह शाम-निकलना भी मुश्किल'
विदिशा शहर निवासी शुभम ने बताया, "हमारे इलाके में कुत्तों ने अब तक कई लोगों को काट लिया है. बच्चे खेलने नहीं जा पाते, महिलाओं को सुबह-शाम बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. शिकायतें कई बार की, लेकिन नगर पालिका के कर्मचारी सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं." शहर निवासी लोकेश तिवारी ने कहा, "कुत्ते चलती गाड़ियों का पीछा करते हैं और राहगीरों को काट लेते हैं. कुछ कुत्ते पागल जैसे हो गए हैं जो बिना किसी वजह हमला कर देते हैं. कई बार बच्चों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं."
'डॉग बाइट के बाद तुरंत लगवाएं एंटी रेबीज वैक्सीन'
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. रामहित कुमार ने बताया कि "विदिशा के 7 ब्लॉकों से आने वाली रिपोर्ट के अनुसार अब तक 10,466 डॉग बाइट केस दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा करीब 600 मामले अन्य जानवरों के काटने के भी सामने आए हैं. सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है, ताकि किसी की जान न जाए."
उन्होंने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि "कुत्ते काटने के बाद के शुरुआती दिनों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देता, लेकिन आगे चलकर ये वायरस जानलेवा साबित हो सकता है. इसलिए डॉग बाइट के तुरंत बाद रेबीज का इंजेक्शन जरूर लगवा लें ताकि रेबीज संक्रमण से बचाव हो सके."
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नगर पालिका ने नसबंदी के लिए शुरू की टेंडर प्रक्रिया
मुख्य नगर पालिका अधिकारी दुर्गेश सिंह ने बताया कि "डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने के लिए हमने प्रस्ताव पारित कर कुत्तों की नसबंदी का टेंडर जारी किया है. आगामी दिनों में टेंडर खुलते ही कार्रवाई शुरू होगी. शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए व्यापक योजना पर काम चल रहा है." शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नगर पालिका, पशु चिकित्सा विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर संयुक्त अभियान चलाएं, ताकि कुत्तों के आतंक पर लगाम लग सके. साथ ही शहर में वैक्सीनेशन केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए.

