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हॉस्टल निरीक्षण के दौरान विदिशा कलेक्टर के विवादित बोल, बवाल मचते ही मांगी माफी

हॉस्टल निरीक्षण के दौरान छात्रों की कम उपस्थिति पर नाराज हुए विदिशा कलेक्टर, अधीक्षक और शिक्षका को कहे अपशब्द, गलती के लिए मांगी माफी.

VIDISHA Collector Indecency remarks
हॉस्टल निरीक्षण के दौरान विदिशा कलेक्टर का विवादित बयान (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 12:02 PM IST

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Updated : January 8, 2026 at 12:31 PM IST

2 Min Read
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विदिशा: कलेक्टर अंशुल गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी हुआ है. वे उदयपुर स्थित आदिवासी जूनियर बालक आश्रम शाला का निरीक्षण करने गए थे. आरोप है कि इस दौरान कलेक्टर ने हॉस्टल अधीक्षक पर नाराजगी जाहिर करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया. हालांकि बाद में कलेक्टर ने अपने शब्दों के लिए माफी मांग ली है. मामला बुधवार 7 जनवरी का है.

कलेक्टर ने किया हॉस्टल का जायजा
बुधवार को कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बासौदा विकासखंड के मुरादपुर, उदयपुर और भिलाय ग्रामों का भ्रमण कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया. इसी दौरान उन्होंने उदयपुर स्थित आदिवासी जूनियर बालक आश्रम शाला का निरीक्षण किया. निरीक्षण के समय हॉस्टल में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई.

कलेक्टर ने किया हॉस्टल का जायजा (ETV Bharat)

अधीक्षक और शिक्षिका का एक दिन का वेतन कटा
अधीक्षक और शिक्षकों द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाने पर अधीक्षक चैन सिंह चिड़ार एवं शिक्षिका राजेश्वरी मरखेड़कर का एक दिवस का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं. हालांकि, बाद में स्पष्ट हुआ कि शीतलहर के चलते जिले में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों की छुट्टियां घोषित थीं, जिसके कारण बच्चे हॉस्टल में उपस्थित नहीं थे. इसी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर द्वारा कहे गए कुछ शब्दों का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी हो गया.

vidisha Collector apologized
कलेक्टर कलेक्टर ने मांगी माफी (ETV Bharat)

गलती के लिए कलेक्टर ने मांगी माफी
मामले को लेकर कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. उन्होंने कहा, ''गंजबासौदा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में नियमित भ्रमण के दौरान उदयपुर की जनजातीय शालाओं का निरीक्षण किया गया. वहां यह पाया गया कि अधीक्षक नियमित रूप से निवास नहीं करते और उस समय बच्चे भी उपस्थित नहीं थे. इसको लेकर संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी गई. इस दौरान मेरे द्वारा कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग हो गया, जो मुझे नहीं करना चाहिए था. यदि इससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं और क्षमा चाहता हूं.''

कलेक्टर ने यह भी कहा कि, ''शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है.'' उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं.

Last Updated : January 8, 2026 at 12:31 PM IST