ETV Bharat / state

विधानसभा में कोरम पर सख्त हुए स्पीकर वासुदेव देवनानी, पक्ष-विपक्ष को दी हिदायत

विधानसभा में पक्ष-विपक्ष का कोरम पूरा नही होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने ऐतराज जताया.

स्पीकर वासुदेव देवनानी
स्पीकर वासुदेव देवनानी (फोटो सोर्स- राजस्थान विधानसभा)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 20, 2026 at 12:30 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर : विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल शुरू होते ही एक बार फिर कोरम का मुद्दा छा गया. पिछले दिनों सदन में सदस्यों की कम उपस्थिति पर अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को जिम्मेदारी का एहसास कराया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सदन चलाना केवल सरकार या विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जवाबदेही है. ऐसे में कोरम का ध्यान रखना सभी दलों का कर्तव्य है.

दो बार कोरम पूरा नहीं होने का मुद्दा उठा : एक दिन पहले भी विधानसभा में दो बार कोरम पूरा नहीं होने का मुद्दा उठा था. विपक्ष के सचेतक रफीक खान ने सदन में सदस्यों की संख्या कम होने पर सवाल खड़े किए थे. उनका कहना था कि महत्वपूर्ण प्रश्नों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के दौरान भी पर्याप्त सदस्य उपस्थित नहीं रहते, जिससे कार्यवाही प्रभावित होती है. इस पर सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के सदस्य भी कई बार सदन में उपस्थित नहीं रहते. दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अध्यक्ष देवनानी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि वे किसी एक पक्ष को नहीं, बल्कि दोनों को चेतावनी दे रहे हैं. उन्होंने दोनों दलों के सचेतकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने सदस्यों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में कोरम की स्थिति उत्पन्न न हो.

विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी (वीडियो -राजस्थान विधानसभा)

इसे भी पढ़ें: विधानसभा में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस को घेरा, कहा- हमने 'ट्रस्ट' निभाया, उन्होंने तोड़ा

सख्ती का सुझाव : इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी सख्ती का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि जो सदस्य वक्ता के रूप में सूचीबद्ध हैं, यदि वे सदन में मौजूद नहीं रहते तो उनके वक्तव्य कार्यवाही से हटा दिए जाने चाहिए. इस पर अध्यक्ष ने कहा कि यदि सदन सर्वसम्मति से उन्हें ऐसी शक्ति देने को तैयार है, तो वे आवश्यक कार्रवाई करने को तैयार हैं. अध्यक्ष देवनानी के सख्त रुख से स्पष्ट संकेत दिए कि सदन की गरिमा और कार्यकुशलता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अब पक्ष और विपक्ष उनके निर्देशों का पालन करें, ताकि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से संचालित होती रहे.

इसे भी पढ़ें: विधानसभा में उठा मोबाइल और ऑनलाइन सट्टे की लत का मामला, विधायक समरजीत बोले- खेलते-खेलते बिल्डिंग से कूद जाते हैं युवा