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जूली ने मंत्री पर कसा तंज, कहा-पर्ची पर लिखा तो सही से पढ़ लीजिए तो मंत्री गहलोत, बोले- आज परफॉर्मेंस दिखाने की लगी होड़

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. पूर्व सीएम की मौजूदगी पर जमकर कटाक्ष भी किए गए.

Rajsathan Vidhansabha
​विधानसभा में मंत्री दिलावर व नेता प्रतिपक्ष जूली (Courtesy: Rajasthan Vidhansabha)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 23, 2026 at 2:36 PM IST

7 Min Read
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जयपुर : विधानसभा का बजट सत्र के दौरान सोमवार को प्रश्नकाल तीखी नोकझोंक, तंज-कटाक्ष और हंगामे के नाम रहा. सरकार और विपक्ष उस समय आमने-सामने आ गए, जब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अधिकारियों की गैलरी से पर्ची पर भेजे गए संदेश को पढ़ने लगे. इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा, 'कम से कम पर्ची पर लिखा हुआ जवाब तो सही तरीके से पढ़ लें.' इसी प्रकार पूर्व सीएम अशोक गहलोत की मौजूदगी को लेकर बगरू विधायक कैलाश वर्मा और मंत्री अविनाश गहलोत ने चुटकी ली कि आज नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच 'परफॉर्मेंस दिखाने की होड़' मची हुई है. इसके कटाक्ष के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया. शिक्षा मंत्री मदन​ दिलावर पर सदन में राजनीतिक भाषण देने के आरोप भी लगे.

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने इंग्लिश मीडियम के बोर्ड तो लगा दिए, लेकिन पद सृजित नहीं किए. इससे विद्यार्थियों के साथ अन्याय हुआ और उनका भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया. दिलावर ने कहा कि कांग्रेस ने शिक्षा का बंटाधार कर दिया, शिक्षा का सत्यानाश कर दिया. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने जहां भी विज्ञान संकाय खोले, वहां सभी आवश्यक पद सृजित किए गए. मंत्री के अनुसार 970 स्कूलों में विज्ञान संकाय खोले गए, पहले 3880 पद और बाद में 970 अतिरिक्त पद दिए गए. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जवाब देते हुए कहा, 'किसने बंटाधार किया, यह सब जानते हैं. आपने सवा दो साल में कितनी जगह विज्ञान संकाय खोले और कितनी पोस्टिंग दी, वह बताएं.' जूली ने मंत्री पर राजनीतिक भाषण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सवाल का सीधा जवाब दें. उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री सवाल को ठीक से पढ़ भी नहीं पा रहे हैं.

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पर्ची पर संदेश, ट्रांसफर पर पारा गर्म: जब अधिकारियों की गैलरी से मंत्री को पर्ची पर संदेश मिला, तो जूली ने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम पर्ची पर लिखा हुआ जवाब तो सही तरीके से पढ़ लें. इसके बाद सवाल की प्रकृति को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया. सरकार के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जताई कि यह केवल एक विधानसभा क्षेत्र का सवाल है, प्रदेश स्तरीय नहीं. बहस के दौरान शिक्षा मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय ट्रांसफर में पैसे लिए जाते थे. इस टिप्पणी पर कांग्रेस विधायक भड़क उठे और सदन में शोर-शराबा बढ़ गया. नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि सरकार सीधे सवाल का जवाब देने से बच रही है और राजनीतिक आरोप लगा रही है. इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दखल देते हुए स्पष्ट किया कि प्रश्न के पहले खंड में प्रदेश का विषय लिखा हुआ है, इसलिए मंत्री विस्तृत उत्तर दें.

स्कूटी वितरण में अनियमितताओं पर मंत्री घिरे: प्रश्नकाल में बगरू क्षेत्र में विधायक कोष से दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण का मुद्दा छाया रहा. विधायक कैलाश वर्मा ने सवाल उठाया कि क्या विधायक निधि के तहत दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण का प्रावधान है और समय पर वितरण न होने से बढ़ी कीमतों की जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण पात्र दिव्यांगजनों को स्कूटी नहीं मिल पाई. इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने स्पष्ट किया कि बजट में मुख्यमंत्री दिव्यांग स्कूटी योजना के साथ-साथ विधायक निधि से भी स्कूटी देने का प्रावधान है. उन्होंने बताया कि विधायक कैलाश वर्मा द्वारा 20 स्कूटी की अनुशंसा की गई थी, जिनमें से 17 का वितरण किया जा चुका है. शेष लाभार्थियों के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस अधूरे थे. अब सभी 20 स्कूटी का वितरण 30 जून को विधायक के जन्मदिन पर कर दिया जाएगा. मंत्री ने कहा कि भजनलाल सरकार ने बजट में घोषित 2000 स्कूटी का वितरण पूरा कर लिया है. 2500 स्कूटी की घोषणा में से 2450 वितरित हो चुकी हैं और शेष 50 का वितरण 31 मार्च से पहले कर दिया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि विनियोग (एप्रोप्रिएशन) विधेयक के दौरान दिव्यांगजनों के लिए फिर अच्छी खबर आ सकती है.

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बढ़ती कीमतों पर सफाई : मंत्री ने बताया कि 2021-22 में 2000 स्कूटी 80,229 रुपए प्रति स्कूटी की दर से वितरित हुईं. 2022-23 में दर बढ़कर 86,929 रुपए हो गई. 2025-26 में कीमत 91 हजार रुपए से अधिक हो गई है. हर साल टेंडर प्रक्रिया के तहत एल-1 दर पर आवंटन किया जाता है. उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी की मिलीभगत नहीं है, बल्कि दस्तावेजों की कमी के कारण वितरण में देरी हुई. स्कूटी वितरण के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है, साथ ही मस्कुलर डिसऑर्डर से पीड़ित दिव्यांगजनों के लिए पहली बार इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर की घोषणा की गई है.

पूर्व सीएम की मौजूदगी में तंज, सदन में शोर : सदन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी के बीच विधायक कैलाश वर्मा और मंत्री अविनाश गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि आज नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच 'परफॉर्मेंस दिखाने की होड़' मची हुई है. इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार सवालों से भाग रही है और मंत्री पर्ची आने के बाद भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं. मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और नेता प्रतिपक्ष के बीच भी बहस हुई. हंगामे के चलते सदन का माहौल गरमा गया और प्रश्नकाल के दौरान कई बार व्यवधान की स्थिति बनी रही.

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इन्होंने भी किए सवाल: विधायक सुभाष मील की ओर से खंडेला विधानसभा क्षेत्र में तारबंदी योजना के लाभार्थियों को लेकर उठे सवाल पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि विभिन्न श्रेणियों के किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। वहीं, ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत के सवाल पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि मालपुरा ग्राम पंचायत को नगर परिषद में शामिल कर लिया है. अब संबंधित भूमि आवंटन का मामला जिला स्तरीय समिति को भेजा जा रहा है. प्रदेश में गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर मालवीय नगर विधानसभा कालीचरण सर्राफ ने सवाल किया. राजस्व मंत्री मीणा ने कहा कि योजना के तहत 14,500 आवेदनों में से 7,852 लाभार्थियों को 38.46 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. बाड़मेर में अनियमितता के मामले में प्रबंध निदेशक को निलंबित कर नोटिस जारी किया गया है. पोकरण विधायक प्रताप पुरी के सवाल पर मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि युवाओं के कौशल विकास के लिए 2024-26 के बीच एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा.