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'बकरी बेचकर दिया रिश्वत की तीसरी किस्त', घूसखोर राजस्व कर्मचारी का VIDEO वायरल

कटिहार में जमीन म्यूटेशन के नाम पर घूस लेते राजस्व कर्मचारी का वीडियो वायरल हुआ है. पीड़ित ने बकरी बेचकर पैसे दिए हैं. पढ़ें..

Corrupt revenue employee in Katihar
कटिहार में घूसखोर राजस्व कर्मचारी का वीडियो (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 23, 2026 at 1:48 PM IST

3 Min Read
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कटिहार: सरकार भले ही घूसखोरी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का दावा करती हो लेकिन लगता नहीं है कि इसमें कहीं से भी कोई कमी नहीं आई है, क्योंकि आए दिन रिश्वतखोरी के मामले सामने आते रहते हैं. नया मामला कटिहार का है, जहां जमीन के दाखिल-खारिज के एवज में राजस्व कर्मचारी एक शख्स से पैसे ले रहा है. घूस लेते हुए उसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

घूसखोर राजस्व कर्मचारी का वीडियो वायरल: वीडियो में राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर आजमनगर प्रखंड के पिंडाल पंचायत के रहने वाले संजीव कुमार से 21 हजार रुपये घूस लेते दिख रहे हैं. इससे पहले भी म्यूटेशन के लिए वह दो किस्त में घूस की रकम ले चुका था. तीसरी किस्त की राशि देने वक्त पीड़ित ने वीडियो बना लिया, ताकि आगे फिर से रिश्वत न मांगे.

जमीन म्यूटेशन के नाम पर घूसखोरी (ETV Bharat)

बकरी बेचकर दी रिश्वत की तीसरी किस्त: पीड़ित संजीव कुमार ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार जमीन म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया था, तब राजस्व कर्मचारी की मिलीभगत से उसे रद्द कर दिया गया. उसके बाद उन्हें कर्मचारियों ने कहा कि दूसरे के नाम से करवाइए. दोबारा आवेदन करवाने के बाद कर्मचारी ने बुलाकर कहा कि जल्दी से पैसे दीजिए, नहीं तो इस बार भी रिजेक्ट हो जाएगा. दो किस्त देने के बाद इस बार बकरी बेचकर तीसरी किस्त के पैसे देने आए थे.

क्यों बनाया वीडियो?: संजीव ने बताया कि पहली बार उन्होंने 40 हजार रुपये दिए थे. फिर दूसरी बार पैसे की डिमांड हुई तो 15 हजार दिए. जब तीसरी बार पैसे की डिमांड हुई तो उनके पास पैसे नहीं थे. ऐसे में उन्होंने बकरी बेचकर पैसे जमा किया और 21 हजार रुपये दिए. वे बताते हैं कि बार-बार पैसे देकर वह थक गए थे, लिहाजा इस बार वीडियो बना लिया ताकि सबूत रहे.

Corrupt revenue employee in Katihar
पीड़ित संजीव कुमार (ETV Bharat)

"जमीन म्यूटेशन के लिए हम आवेदन दिए थे लेकिन कर्मचारी ने लापरवाही की वजह से रिजेक्ट कर दिया. बात किए तो बोला कि जल्दी पैसा लेकर आइये नहीं तो इस बार फिर खारिज हो जाएगा. खस्सी-बकरी बेचकर तीसरी बार पैसे देने गए थे. बार-बार पैसा देकर थक गए थे, प्रूफ रखने के लिए वीडियो बनाए थे."- संजीव कुमार, पीड़ित

मामले की जांच के आदेश: इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि इस तरह के मामले में सरकार के जीरो टॉलरेंस की नीति को जमीनी स्तर पर भी इंप्लीमेंट करने की कोशिश की जा रही है. डीएम ने कहा कि फिलहाल यह जो मामला सामने आया है, इस पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.

"जो भी सूचना मिली है, हमलोग उसकी जांच करवाएंगे. अगर उसकी पुष्टि होती है तो निश्चित रूप से कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पहले भी कार्रवाई हुई है और आगे भी होगी. ये मैं आपको आश्वस्त करता हूं."- आशुतोष द्विवेदी, जिलाधिकारी, कटिहार

क्या है म्यूटेशन?: असल में म्यूटेशन का मतलब होता है दाखिल-खारिज. यानी जमीन के कागजात में नए मालिक का नाम जोड़ना और पुराने मालिक का नाम निकालना. हालांकि यह स्वामित्व का अंतिम प्रमाण नहीं होता है लेकिन भूमि कर (लगान या रसीद) भरने का रिकॉर्ड और अपडेट रखने के लिए यह बेहद जरूरी होता है.

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