उत्तराखंड के सबसे गरीब परिवार का वीडियो वायरल, देखकर आंसू निकलेंगे, डीएम ने रातों-रात भिजवाई मदद
ये गरीब परिवार पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट स्थित जमड़कोड़ गांव में रहता है, इनके पास ने पक्का घर है, ना खाने को राशन

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 27, 2026 at 2:42 PM IST
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के दूरस्थ क्षेत्र गंगोलीहाट के जमड़कोट गांव में एक परिवार बेहद गरीबी में जीवन गुजार रहा है. टूटे-फूटे झोपड़ीनुमा एक कमरे में रह रहे मां-बेटे के पास न तो दो वक्त के खाना खाने लायक अन्न है और न ही ओढ़ने के लिए कपड़े और बिछाने के बिस्तर है. इसका वीडियो सोशल मीडिया में आने के बाद डीएम पिथौरागढ़ ने संज्ञान लिया है.
उत्तराखंड के सबसे गरीब परिवार का वीडियो हुआ वायरल: पिथौरागढ़ के डीएम आशीष भटगाईं ने सोशल मीडिया में जब मां-बेटे का हाल देखा, तो उन्होंने राशन और कपड़े सहित अन्य सामग्री भिजवाई. एक दिन पूर्व सोशल मीडिया में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता भरत परगाई ने एक वीडियो डाला जो तेजी से वायरल हुआ. इसमें एक युवक और उसकी बुजुर्ग मां नजर आ रहे हैं. रात के समय के इस वीडियो में युवक बता रहा है कि वह पड़ोस से रोटियां मांगकर लाया है. उनके पास न तो घर में अनाज है और न ही सामान खरीदने के लिए रुपये हैं. मां बीमार है.
डीएम ने वीडियो देखा तो रातों-रात भिजवाई सहायता: जब डीएम आशीष भटगाईं ने यह वीडियो देखा तो उन्होंने सहायता करने के निर्देश दिए. गंगोलीहाट एसडीएम यशवीर सिंह के नेतृत्व में एक राजस्व टीम ने रात लगभग 10 बजे जमड़कोट पहुंचकर पंकज मेहरा और उनकी माता लछिमा देवी को आटा, दाल, चावल, तेल सहित कंबल एवं 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन कर योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए हैं.
एसडीएम यशवीर सिंह ने कहा कि-
प्रशासन ने गरीब परिवार का वीडियो देखा. जिलाधिकारी ने तुरंत मदद करने को कहा. डीएम के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम के साथ हम पंकज मेहरा के घर पहुंचे हैं. उन्हें जरूरी राशन और कंबल दिए हैं. पंकज की मां को 5 हजार रुपए नकद भी दिए हैं. उनके घर की मरम्मत के साथ जो भी संभव सरकारी मदद होगी, वो देने का प्रयास कर रहे हैं.
-यशवीर सिंह, एसडीएम, गंगोलीहाट-
एक छोटे कच्चे कमरे में रहते हैं मां-बेटा: पंकज सिंह के पास अपना पक्का मकान नहीं है. मां-बेटे टिन की छत वाले एक छोटे से कमरे में जीवन बिता रहे हैं. परिवार के पास जरूरत के कपड़े भी नहीं हैं. मिली जानकारी के अनुसार उसके पिता माधो सिंह साधु हैं. पहले पंकज भी मेहनत मजदूरी करता था, लेकिन अस्वस्थ्य मां की सेवा करने के कारण अब घर पर ही है. इससे उसे आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
गरीब परिवार को जगी मदद की उम्मीद: डीएम तक मामला पहुंचने के बाद अब परिवार को पक्की छत मिलने की उम्मीद है. अपनी मां के साथ ननिहाल में रह रहे पंकज मेहरा ने राजस्व टीम को बताया कि उसे रहने के लिए पक्की छत चाहिए. वह मेहनत मजदूरी करके पेट भरने के लिए कुछ रुपये कमा ही लेगा और शादी भी कर लेगा. उसने बताया कि वो लोग पिछले आठ साल से इसी कच्चे शेड में रह रहे हैं. इसकी दीवारें भी जर्जर हाल हो चुकी है. इससे हादसे का खतरा भी रहता है.
गरीब परिवारों के लिए हैं सरकारी योजनाएं: गरीब परिवारों के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं के तहत इस गरीब परिवार को निम्न सहायता मिल सकती है.
खाद्यान्न सहायता: देश के गरीब लोगों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन मिलता है. इसमें गरीबों को गेहूं और चावल मुफ्त में मिलता है. इस योजना से पिथौरागढ़ के इस गरीब परिवार की मदद हो सकती है. देश के करीब 80 करोड़ गरीब लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं.
रोजगार और सुरक्षा गारंटी: हमारे देश में विकसित भारत-जी राम जी योजना जो पहले मनरेगा के नाम से जानी जाती थी, चलती है. इसके तहत इस घर के युवक पंकज को रोजगार मिल सकता है, जिससे वो घर का खर्च चला सकता है. पीएम किसान योजना के तहत किसानों को नकद सहायता मिलती है. राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का लाभ भी मिलता है.
आवास सहायता: हमारे देश में पीएमएचएस यानी प्रधानमंत्री आवास योजना चल रही है. इसके तहत गरीबों को पक्का घर बनवाने के लिे वित्तीय सहायता दी जाती है. इस योजना का लाभ भी पिथौरागढ़ का ये गरीब परिवार उठा सकता है.
वित्तीय सहायता: केंद्र और राज्य सरकारें गरीब परिवारों को आर्थिक मदद भी दे रही हैं. इसके तहत जन धन खातों के माध्यम से महिला खातों में डायरेक्ट रुपए ट्रांसफर होते हैं. इसके साथ ही वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाएं भी चल रही हैं. इस योजना का लाभ भी ये परिवार उठा सकता है.
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