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​जैसलमेर में गरजेगा वायुसेना का शौर्य: 'वायुशक्ति' को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जारी हुई विशेष एडवाइजरी

जैसलमेर की चांधन रेंज में 24 से 28 फरवरी तक होने वाले 'वायुशक्ति-2026' युद्धाभ्यास के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

चांधन रेंज में सुरक्षा के कड़े घेरे
चांधन रेंज में सुरक्षा के कड़े घेरे (फोटो ईटीवी भारत जैसलमेर)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 21, 2026 at 10:23 AM IST

3 Min Read
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जैसलमेर : सरहदी जिले जैसलमेर की चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में 24 से 28 फरवरी तक आयोजित होने जा रहे एशिया के सबसे बड़े हवाई युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति–2026’ को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और सेना ने सुरक्षा की एक अभेद्य रणनीति तैयार की है. आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे रेंज क्षेत्र और उसके आसपास के बफर जोन को 'प्रतिबंधित क्षेत्र' घोषित कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि इन पांच दिनों में आम नागरिकों का प्रवेश, आवाजाही और अनावश्यक गतिविधियां पूरी तरह निषिद्ध रहेंगी. सुरक्षा एजेंसियां लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की चूक न हो.

जागरूकता अभियान और बैठकों का दौर : लाठी, चांधन और आसपास की ढाणियों में प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राम सभाओं और सीएलजी बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी. लोगों को बताया गया कि अभ्यास के दौरान अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, मिसाइल प्रणालियों और बमबारी का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे सुरक्षा कारणों से क्षेत्र को खाली रखना आवश्यक है. अधिकारियों ने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वे बच्चों को जिज्ञासावश रेंज की ओर न जाने दें. साथ ही वैकल्पिक मार्गों के उपयोग और अफवाहों से दूर रहने की भी सलाह दी गई.

थानाधिकारी प्रेमदान रतनू की अपील (वीडियो ईटीवी भारत जैसलमेर)

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​पशुपालकों के लिए विशेष निर्देश : प्रशासन ने पशुपालकों के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्हें कहा गया है कि वे गाय, भेड़-बकरी, ऊंट सहित अन्य पशुओं को खुले में चराने के लिए न छोड़ें. सैन्य काफिलों और भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका रहती है. यदि पशु मुख्य मार्गों या प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचते हैं तो न केवल उनके लिए खतरा हो सकता है, बल्कि अभ्यास की तैयारियों में भी बाधा आ सकती है. ग्रामीणों से सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई है.

फोटोग्राफी और सोशल मीडिया पर नजर : ​सुरक्षा के लिहाज से सैन्य गतिविधियों, वाहनों और रेंज की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी पर पूरी तरह रोक है. पुलिस ने जैसलमेर-चांधन मार्ग के होटलों और ढाबों की जांच शुरू कर दी है. थानाधिकारी प्रेमदान रतनू ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति संवेदनशील सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. क्षेत्र में लगातार गश्त और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है.

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थानाधिकारी प्रेमदान रतनू की अपील : पुलिस थाना सदर के थानाधिकारी प्रेमदान रतनू ने कहा, “वायुशक्ति जैसा आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है. प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना या नियमों की अनदेखी करना गंभीर परिणाम ला सकता है. पुलिस पूरी सतर्कता से निगरानी कर रही है और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और प्रशासन का पूरा सहयोग करें.

27 फरवरी को होगा मुख्य आयोजन : ​कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी, जबकि 27 फरवरी को मुख्य शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा. इस दौरान भारतीय वायुसेना अपनी सटीक मारक क्षमता और दुश्मनों के ठिकानों को ध्वस्त करने का प्रदर्शन करेगी. इस गौरवशाली आयोजन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वीवीआईपी के शामिल होने की संभावना है.