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झारखंड में आयुष्मान से जुड़े लंबित क्लेम पर सरकार सख्त, अस्पतालों के अटके भुगतान जल्द होंगे क्लियर

झारखंड में विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और SEHIS को लेकर समीक्षा बैठक रांची में आयोजित की गई. प्रशांत कुमार की रिपोर्ट.

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आयुष्मान से जुड़े लंबित क्लेम पर सरकार सख्त (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : September 1, 2026 at 8:49 PM IST

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रांची: झारखंड में आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री अबुआ, स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और SEHIS को लेकर सरकार द्वारा गंभीर समीक्षा की गई है. मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की बैठक हुई. जिसमें स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के लंबित दावों, अस्पतालों के भुगतान और लाभार्थियों को योजना से जोड़ने समेत कई अहम मुद्दों अहम निर्देश जारी किए गए.

नई बीमा कंपनी के चयन की तैयारी

बैठक में वर्तमान बीमा योजना की अवधि समाप्त होने को देखते हुए नई बीमा कंपनी के चयन के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है. जसास को निर्देश दिया गया है कि पिछले सालों की योजना में जोड़ी गई नई सुविधाओं को शामिल करते हुए इसी माह तक विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार किया जाए.

इसके साथ ही दूसरे राज्यों में जारी बीमा निविदाओं और उनकी शर्तों का अध्ययन भी किया जा रहा है, ताकि झारखंड में स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार की जा सके. बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव सह कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह, जसास के परामर्शी तथा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और टाटा एआईजी के प्रतिनिधि भी शामिल थे.

बीमा कंपनियों के पास लंबित क्लेम होंगे प्राथमिकता पर

अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह ने बताया कि बैठक में बीमा कंपनियों के स्तर पर लंबित दावों को लेकर भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए. लंबित क्लेम का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने और उन्हें एनएचए की निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप लाने को कहा गया है.

वहीं, टीएमएस 1.0 और 2.0 में भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद तकनीकी कारणों से अस्पतालों को राशि नहीं मिल पाने के मामलों का भी जल्द समाधान करने का निर्देश दिया गया. इसके लिए बैंक, बीमा कंपनी और एनएचए की तकनीकी टीम के बीच समन्वय स्थापित कर अटके मामलों को सुलझाने पर जोर दिया गया.

बढ़ते क्लेम के बीच जसास में होगी नियुक्ति

स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के बढ़ते दावों को देखते हुए जसास में मानव संसाधन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. रिक्त पदों को भरने के साथ डॉक्टर और डेटा एनालिस्ट की नियुक्ति पर विचार किया गया है. इससे दावों के निपटारे, डेटा की निगरानी और योजनाओं के संचालन में तेजी आने की उम्मीद है.

बैठक में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और उनके परिवारों को आयुष्मान योजना से जोड़ने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा पात्र होने के बावजूद जिन लोगों का अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, उनका ई-केवाईसी कराकर सीएससी केंद्रों और अस्पतालों के माध्यम से कार्ड जारी कराने पर जोर दिया गया है.

PDS डीलरों और CSC के बीच बढ़ेगा समन्वय

सरकार ने आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पीडीएस डीलरों और सीएससी केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थी दस्तावेजी या तकनीकी प्रक्रिया के कारण योजना के लाभ से वंचित न रहे.

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