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यूपी में आसमान से बरस रही "आग"; 48 डिग्री तक पहुंचा पारा, सड़कों पर निकलना हुआ मुश्किल

जानिए किन सेक्टर्स पर टूट रहा हीटवेव का कहर और क्या है सरकार का वॉर्निंग सिस्टम.

यूपी में आसमान से बरस रहे "अंगारे"
यूपी में भीषण गर्मी. (Photo Credit : ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 30, 2026 at 2:57 PM IST

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Updated : May 30, 2026 at 3:03 PM IST

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वाराणसी : पूरे उत्तर प्रदेश सहित वाराणसी शहर भीषण गर्मी की चपेट में है. कई जिलों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. इस बढ़ते तापमान का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ा रहा है. इसके अलावा आम आदमी की जेब पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है. आसमान से बरसते अंगारों के बीच काम पर निकलना मुश्किल हो गया है. साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी चौपट है. उत्तर प्रदेश में हीट वेव (लू) को लेकर अलर्ट जारी है.

भीषण गर्मी की चपेट में यूपी. देखें पूरी (Video Credit : ETV Bharat)

​प्रशासन की तैयारियां और अस्पतालों में इंतज़ाम : गर्मी के जानलेवा मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी तैयारियां कर रखी हैं. हीटवेव के शिकार मरीजों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए सरकारी अस्पतालों में अलग से स्पेशल वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं. साथ ही सार्वजनिक और अत्यधिक जरूरत वाले स्थानों पर आम जनता को राहत देने के लिए पंखे और ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

भीषण गर्मी पड़ने के बाबत वैज्ञानिकों की राय.
भीषण गर्मी पड़ने के बाबत वैज्ञानिकों की राय. (Photo Credit : ETV Bharat)



प्रशासन का हीट एक्शन प्लान : एडीएम वित्त/राजस्व डॉ. सदानंद गुप्ता बताते हैं. आपदा से बचाव के लिए दो ऐप हैं. ‘सचेत’ और ‘दामिनी’. किसी भी प्रकार की आपदा के संबंध में इन पर तुरंत अलर्ट आता है. हमने ऐसे ग्रुप बनाए हुए हैं. जिसमें ग्राम प्रधान, कोटेदार एवं अन्य जिले के जिम्मेदार व्यक्ति हैं. पंचायती राज, राजस्व, विकास विभाग, पुलिस विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभाग इसमें जुड़े हुए हैं. इसमें अधिकतम 10 मिनट में हम सूचना लोगों को पहुंचा देते हैं. साथ ही हम लोग सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े लोगों से भी सहयोग ले रहे हैं.

मौसम विभाग की चेतावनी को समझें.
मौसम विभाग की चेतावनी को समझें. (Photo Credit : ETV Bharat)



एडीएम वित्त/राजस्व बताते हैं, हमने सभी से आह्वान किया है कि सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम को 4 बजे या 5 बजे तक, जब तक टेंपरेचर पीक पर रहता है. लोग अपने घरों से न निकलें. तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो. हमारी टीम पानी का छिड़काव कर रही है. जरूरत वाले स्थानों पर 42 मिस्ट फैन लगाए गए हैं. बाबा विश्वनाथ जी के धाम में जूट के बोरा लगाए गए हैं. जिन पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है. साथ ही आस-पास के अलग-अलग स्थानों पर छांव की व्यवस्था की गई है. 94 जगहों पर (46 ग्रामीण) हमने प्याऊ की व्यवस्था की है.

वाराणसी के अस्पतालों में व्यवस्था.
वाराणसी के अस्पतालों में व्यवस्था. (Photo Credit : ETV Bharat)



शहर के रैन बसेरों में कूल सेंटर : डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि गर्मी से बचाव के लिए हमने पांच अस्थाई रैन बसेरों में कूल सेंटर स्थापित किया है. हर विभाग की तैयारियां अलग-अलग हैं. स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संख्या में ओआरएस उपलब्ध है. हर हॉस्पिटल में चाहे वह सीएचसी हो, पीएचसी हो या कोई बड़ा अस्पताल हो, वहां दो से तीन बेड हीट वेव से बचाव के लिए आरक्षित किए गए हैं.

भीषण गर्मी की वजह से आम जन जीवन अस्त व्यस्त.
भीषण गर्मी की वजह से आम जन जीवन अस्त व्यस्त. (Photo Credit : ETV Bharat)





हीट स्ट्रोक लक्षण में करना चाहिए ये प्राथमिक उपचार : डॉ. प्रेम प्रकाश शुक्ला बताते हैं कि हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है. ऐसे में त्वचा लाल, शुष्क हो जाती है और पसीना आना बंद हो जाता है. साथ ही चिड़चिड़ापन, भ्रम की स्थिति, ठीक से बात न कर पाना, बेहोशी की हालत या फिर दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखने लगते हैं. ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत किसी हवादार, ठंडी जगह (एसी-कूलर) में ले जाएं. मरीज के शरीर से तंग या टाइट, अतिरिक्त कपड़े हटा दें. शरीर पर ठंडा पानी छिड़कने के साथ ही भीगे तौलिये या स्पंज से शरीर को पोछें. शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होना लू लगने का संकेत होता है. ऐसे में तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है.

वाराणसी के अस्पतालों में व्यवस्था.
वाराणसी के अस्पतालों में व्यवस्था. (Photo Credit : ETV Bharat)


फसलों पर भी हीट वेव की मार : जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार राय बताते हैं कि ‘साग-सब्जियों में गर्मी के समय में अधिक समस्या रहती है. अभी लता वर्गीय फसल का समय चल रहा है. भिंडी अभी लगी हुई है तो अधिक गर्मी पड़ जाने से इसमें फूलों के सूखने और झड़ने की समस्या आ जाती है. ऐसे में सुबह-शाम हल्की सिंचाई करते रहें. संभलव हो तो सब्जियों में ड्रिप पद्धति का प्रयोग करें. आम के नए पौधों में चूने से तनों को रंग दें. जिससे उसमें ह्यूमिडिटी आ जाएगी. किसानों को खुद की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.


काशी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था : चीफ़ इंजीनियर राजेश कुमार ने बताया कि हमने लगभग 620 नए ट्रांसफार्मर लगा दिए हैं. नौ बिजलीघरों में 645-650 ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि कर दी है. पाॅवर ट्रांसफार्मर की क्षमता भी बढ़ाई गई है. हमारे पास 40 ट्रांसफार्मर ट्रॉली उपलब्ध हैं. मेजर फॉल्ट से निपटने के लिए रात और दिन के लिए भी अलग-अलग गैंग लगाए गए हैं. अर्बन क्षेत्र के दोनों सर्कल में एक-एक गाड़ी जाती है. साथ ही दो कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.



पिछले साल से 20 प्रतिशत अधिक बढ़ी बिजली की डिमांड : चीफ इंजीनियर राजेश कुमार के मुताबिक हमारा कंट्रोल रूम सिगरा में है. जहां 9532864794 पर संपर्क कर सकते हैं. दूसरा मंडुआडीह में 9140084001 पर संपर्क किया जा सकता है. इन कंट्रोल रूम में राउंड द क्लॉक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है. अगर बिजली खपत की बात करें तो बीते मंगलवार को 907 एमवीए की डिमांड गई थी. अभी तक सर्वाधिक मांग 23 मई को थी, जिसमें 925 एमवीए था. पिछले साल 26 मई को 756 एमवीए की मांग थी तो लगभग 150 एमवीए यानी 20 फीसदी मांग बढ़ गई है.

हीट वेव का असर लोगों की आमदनी पर : वर्तमान में हर किसी का रोजगार प्रभावित हो रहा है. वाराणसी के घाट पर्यटकों से गुलजार रहते थे. इन दिनों सूने पड़े हुए हैं. पंडा-पुरोहितों का कहना है कि श्रद्धालु नहीं आ रहे हैं. जिससे रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है. 100 रुपये के लिए दिनभर बैठे रहना पड़ता है. आमदनी नहीं हो पा रही है. इसके अलावा घाटों पर लगने वाली दुकानें सूनी पड़ी हैं. फूल-माला की दुकानों पर सन्नाटा है.

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Last Updated : May 30, 2026 at 3:03 PM IST