दिल्ली के मंत्रियों को खूब भा रहीं बनारस में बनी श्री अन्न की मिठाइयां, लड्डू भी डिमांड में
गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई मंत्रियों को ये पकवान खूब लुभा रहे हैं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 11:09 AM IST
|Updated : January 11, 2026 at 11:22 AM IST
वाराणसी (गोपाल मिश्र) : श्री अन्न (मिलेट्स फूड) को बढ़ावा देने के बाद ज्वार, बाजरा, रागी, खुटकी, चेना, सावा, टीसी समेत कई मोटे अनाजों से स्वादिष्ट और लजीज मिठाइयां और पकवान बनने लगे हैं. ऐसा ही लजीज व्यंजन (श्री अन्न का लड्डू) बनारस की कुछ महिलाएं तैयार कर रही हैं. इन लड्डुओं की मांग आम लोगों के अलावा दिल्ली के कई मंत्रालयों में हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में श्री अन्न से कई यूनिक प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं.
वाराणसी से लगभग 22 किलोमीटर दूर टिकरी इलाके की रहने वाली अनुपमा सिंह ने लगभग 2 साल पहले वाराणसी से श्री अन्न के जरिए कुछ अलग तरह की मिठाइयों को बनाने की शुरुआत की. सबसे पहले मोटे अनाज (श्री अन्न) के लड्डू तैयार कराए और सहकारिता मंत्रालय भेजा. मंत्रालय में श्री अन्न से बने लड्डू खब पसंद किया गया. इसके बाद लड्डू की मांग गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय में हुई. बाद में यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार से भी श्री अन्न से बने लड्डू डिमांड होने लगी है.

अनुपम बताती हैं कि अब हमारे यहां से हर महीने कई क्विंटल श्री अन्न से बनी मिठाइयां और पकवान संबंधित मंत्रालय भेजे जाते हैं. मंत्रालय में होने वाले आयोजनों, मीटिंग व समारोह में मिलेट्स के इन लड्डुओं और मिठाइयों की जबरदस्त डिमांड रहती है. बीते महीने नए साल के अवसर पर मंत्रालय से लगभग दो क्विंटल लड्डुओं का आर्डर मिला था. गृहमंत्री अमित शाह के ऑफिस से भी अलग-अलग समय पर डिमांड की जाती है. गृहमंत्री इसे खुद पसंद करते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में संचालित कृषक उत्पादक संघ की दुकान से ये लड्डू मंगवाते हैं.

अनुपमा बताती हैं कि शुरुआत में लगभग 10 -12 महिलाओं को जोड़कर श्री अन्न से लड्डू व अन्य आइटम बनाने शुरू किए थे. वर्तमान में लगभग 50 महिलाएं जुड़ी हैं. इस काम सभी को मंथली इनकम हो जाती है. साथ ही बड़े ऑर्डर पर एक्स्ट्रा इनकम का भी मौका मिलता है. फिलहाल 2 साल के अंदर हम लगभग एक करोड़ के टर्नओवर के साथ आगे बढ़ रहे हैं. आम पब्लिक को भी इसका लाभ व स्वाद मिले, इसके लिए शिल्प मेलों में अपने स्टॉल लगवाते हैं.


श्री अन्न से लड्डू-मिठाइयां बनाने वाली सुनीता देवी, चंदा सोनी और प्रभावती देवी का कहना है कि गांव में रहकर कुछ काम करके अच्छी आमदनी हो रही है. इससे घर-परिवार चलाने में सहूलियत हो रही है. चंदा बताती हैं कि लड्डू या अन्य मिठाई तैयार करने में ज्यादा झंझट नहीं है. ऑर्डर के हिसाब से महिलाओं की जरूरत होती है. प्रतिदिन चार-पांच महिलाएं तीन-चार किलो लड्डू आसानी से तैयार कर देती हैं.

