कब है होली; होलिका दहन के बाद नहीं खेला जाएगा रंग, ज्योतिषाचार्य से जानें कारण और मुहूर्त
होलिका दहन 2 मार्च को किया जाना है. अगले दिन तीन मार्च को पूर्णिमा एवं ग्रहण लग रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 11:17 AM IST
वाराणसी : 2026 में होली कब मनाई जाएगी. होलिका दहन और रंग कब खेला जाएगा, इस बात की काफी चर्चा है. ज्योतिष गणना के अनुसार 2 मार्च को होलिका दहन किया जाना है. अगले दिन तीन मार्च को पूर्णिमा होने के साथ ग्रहण भी लग रहा है. जिसके कारण होली का रंगोत्सव को लेकर लोगों में असमंजस है. लोगों की इसी जिज्ञासा का समाधान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के डॉ. सुभाष पांडेय ने बताया है. पढ़ें पूरी खबर...
डॉ. सुभाष पांडेय ने बताया कि पांचांग के अनुसार 2 मार्च की रात होलिका दहन किया जाएगा. 3 मार्च को पूर्णिमा एवं ग्रहण लग रहा है. जिसके कारण इस दिन रंग नहीं खेला जाएगा. 4 मार्च को रंगोत्सव का शुभ मुहूर्त है. धार्मिक विधान के अनुसार पूर्णिमा एवं ग्रहण के सूतक काल में होली नहीं खेली जाती है. इसलिए 3 मार्च को रंग नहीं खेला जा सकेगा. चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली मनाने की परंपरा है. ऐसे चतुर्दशी की रात होलिका दहन हो जाएगा.
डॉ. सुभाष पांडेय ने कहा कि धर्मशास्त्र के मुताबिक सूतक या ग्रहण काल में होली खेलना या रंग खेलना निषेध है. ग्रहण काल 3 मार्च की शाम 6 बजे से लगेगा. इसके 9 घंटा पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है. चंद्र ग्रहण में 9 घंटा पहले एवं सूर्य ग्रहण में 12 घंटा पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है. इसलिए 3 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक सूतक एवं ग्रहण का काल रहेगा. इस दौरान सर्वत्र भगवान विष्णु का आराधना एवं तीर्थ स्नान करने का विधान है.
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