IIT BHU में तैयार रोड सेफ्टी ऑडिटर ऐप करेगा स्कूल-काॅलेजों के बाहर सड़क सुरक्षा के इंतजाम
आईआईटी बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में तैयार किया गया है खास ऐप.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 11:12 AM IST
|Updated : August 30, 2026 at 11:52 AM IST
वाराणसी : सड़क सुरक्षा को लेकर हर रोजाना नए प्रयोग हो रहे हैं. केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा के लिए आईआईटी की मदद भी ले रही है. ऐसे में स्कूलों के बाहर रोड सेफ्टी और वह तमाम उपायों को लेकर आईआईटी बीएचयू में स्थापित सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की चेयर ने खास रोड सेफ्टी ऐप (School Zone Safety Auditor App) तैयार किया है. यह ऐप स्कूलों के बाहर सड़क हादसे रोकने के निर्धारित मानकों के आधार पर आकलन करके रैंकिंग देने का काम करेगा.
रोड सेफ्टी के लिए पहले से है गाइडलाइन और जारी नियम |
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आईआईटी बीएचयू के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर अंशुमन शर्मा ने बताया कि यह प्रयास स्कूल ऑडिट के लिए किया गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए ऑपरेट होता है. इसका ऑपरेशनल सिस्टम है ऐसे डेवलप किया है जो अपने आप एक वीडियो और कुछ फोटोज के जरिए यह ऑडिट कर लेता है कि स्कूलों के बाहर रोड सेफ्टी को लेकर क्या तैयारी की गई है.
रोड सेफ्टी वह बहुत इंपॉर्टेंट है, क्योंकि स्कूलों में बच्चे होते हैं, कभी-कभी कंट्रोल एनवायरमेंट उन्हें नहीं मिल पाता है और फिर जैसे छुट्टी होती है तो उनमें एक अलग उत्साह होता है. कई बार वह जल्दी बाहर निकलने बस में चढ़ना चाहते हैं तो इसीलिए जो स्कूल के बाहर जो रोड सेफ्टी के नियम हैं उनका पालन करना बहुत जरूरी हो जाता है. इसलिए हमने एक स्कूल जोन सेफ्टी ऑडिटर ऐप डेवलप किया है. यह ऐप आईआरडी के स्पेशल प्रोविजंस 32 के अकॉर्डिंग है. अकॉर्डिंग टू कोड मतलब यह है कि यह कानून बताए गए हैं कि स्कूल जोन के बाहर सेफ्टी के लिए क्या-क्या प्रोविजंस देने चाहिए.
प्रोफेसर अंशुमन शर्मा ने बताया कि इसमें करना कुछ नहीं है, बस स्कूल मेन गेट के बाहर 100 मीटर राइट साइड में और 100 मीटर लेफ्ट साइड में 1 मिनट तक का वीडियो और फोटो बनाकर ऐप पर अपलोड कर देना है. यह खुद ऑडिट करके यह बता देगा कि कौन से कौन से हमें स्पीड साइन लगाने चाहिए या रोड सेफ्टी मार्किंग करनी चाहिए. इसके बारे में इनफार्मेशन दी गई है. जैसे कि स्कूल स्टार्ट होगा तो रोड सेफ्टी के कौन से बोर्ड होने चाहिए, रोड मार्किंग होने चाहिए, नो पार्किंग साइन होने चाहिए, यह सारे साइन अवेलेबल जरूरी हैं.

