Speed @180 : कोटा में वंदे भारत ट्रेनसेट का ट्रायल, दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक पर 180 की स्पीड पर दौड़ाई
वंदे भारत ट्रेनसेट एयर कंडीशनर सीटिंग ट्रेन है, जिसे 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर चलाकर ट्रायल किया गया है.

Published : May 6, 2026 at 6:33 PM IST
कोटा: राजस्थान के कोटा में एक बार फिर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल हुआ है. इस बार वंदे भारत ट्रेनसेट का ट्रायल किया गया है. यह पूरी तरह से एयर कंडीशन सीटिंग ट्रेन है, जिसे 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर चलकर ट्रायल किया गया है. इससे पहले 160 की स्पीड पर भी ट्रायल किया जा चुका है. यह पूरी तरह से सीटिंग ट्रेन है.
कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इस ट्रायल में पहली बार वंदे भारत ट्रेन सेट को 180 की स्पीड को कोटा रेल मंडल में चलाया गया है. यह ट्रायल भी कोटा चौमहला कोटा रेल खंड पर किया है. इस वंदे भारत ट्रांसलेट को रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) कपूरथला की तैयार पहली वंदे भारत ट्रेनसेट है. इसका स्पीड ट्रायल भारतीय रेलवे के अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के रही है.
परीक्षण निदेशालय के निदेशक परिक्षण धीरेन्द्र कुलश्रेष्ठ की देखरेख में किया जा रहा है. दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक हाई स्पीड ट्रेनों के ट्रायल के लिए जाना जाता रहा है. इस ट्रैक को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तैयार किया जा रहा है और यह मिशन रफ्तार में भी शामिल है. वर्तमान में नवनिर्मित वंदे भारत ट्रेन सेट के पहले रैक का ट्रायल भी इसीलिए किया जा रहा है. 2 मई से ट्रायल शुरू हुआ है और 22 मई तक चलेगा.
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इस ट्रायल में पूरे नए रैक का परीक्षण किया जाएगा, जिसमें स्पीड, कंपन, ब्रेकिंग से लेकर सब काम का ट्रायल किया जाएगा. ट्रेन को खाली और वजन के साथ भी टेस्ट किया जाएगा. गीले और सुख ट्रैक पर भी ट्रायल किया जाएगा. सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि यह ट्रेनसेट अत्याधुनिक ट्रेन कंट्रोल व प्रोपल्शन प्रणाली से सुसज्जित है, जो एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड ने दी है.
यह स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन स्पीड बढ़ाने की कम में माइलस्टोन है. इस ट्रायल में ट्रैक्शन परफॉर्मेंस मूल्यांकन, ब्रेक प्रणाली सत्यापन व सिस्टम इंटीग्रेशन परीक्षण सम्मिलित थे, ताकि उच्च गति पर सुरक्षित व विश्वसनीय परिचालन सुनिश्चित किया जा सके. ट्रायल के दौरान ट्रेन के चालक दल में लोको पायलट मनोज कुमार मीणा, सहायक लोको पायलट छीतर सिंह, मुख्य लोको निरीक्षक नेतराम मीणा व यातायात निरीक्षक सुशील जेठवानी शामिल रहे. इस ट्रायल में कोटा मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के परिचालन स्टाफ के साथ-साथ एल्सटॉम और वेबटेक की तकनीकी टीम का सहयोग मिला है.
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