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बुरादे के नीचे छुपाई 70 लाख की दारू! पुलिस ने ऐसे पकड़ा ट्रक , कर्नाटक का ड्राइवर गिरफ्तार

वैशाली पुलिस ने मुजफ्फरपुर-हाजीपुर NH-22 पर एक ट्रक से 70 लाख लाख की शराब बरामद की है. शराब छिपाने का तरीका आपको हैरान कर देगा.

Vaishali Police recovered liquor
वैशाली में शराब जब्त (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 11, 2026 at 2:36 PM IST

3 Min Read
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वैशाली: बिहार के वैशाली जिले में अवैध शराब तस्करी फिर से सक्रिय हो गई है. गोरौल थाना पुलिस ने मुजफ्फरपुर-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर गोढ़िया पुल के पास एक बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमारी कर एक 12 चक्का ट्रक को रोका, जिसमें चालाकी से छिपाई गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई.

गुप्त तहखाने में छिपाई गई शराब: ट्रक को देखते ही पुलिस को संदेह हुआ, क्योंकि इसमें सामान्य माल की बजाय कुछ असामान्य लग रहा था. तलाशी के दौरान पता चला कि ट्रक के अंदर एक गुप्त तहखाना बनाया गया था. इस तहखाने में लकड़ी का बुरादा (भूसा) डालकर शराब के कार्टनों को छिपाया गया था. सघन जांच में कुल 670 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित मात्रा लगभग 5990 लीटर है, शराब हिमाचल प्रदेश से लाई जा रही थी.

वैशाली में शराब जब्त (ETV Bharat)

ट्रक चालक और खलासी गिरफ्तार: ट्रक को रोकने वाली टीम में गोरौल थानाध्यक्ष सुनील कुमार, अपर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार और अवर निरीक्षक रंजीत कुमार सहित पुलिस बल शामिल था. मौके से ट्रक चालक सिकंदर सारंगीवाले कर्नाटक के हुबली निवासी और खलासी को गिरफ्तार किया गया. दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. चालक ने पूछताछ में बताया कि ट्रक उसे दिल्ली में मिला था और मोबाइल पर लोकेशन के आधार पर हाजीपुर की ओर डिलीवरी के लिए ले जाना था. शराब माफिया लगातार फोन पर निर्देश दे रहे थे.

माफिया नेटवर्क की जांच जारी: महुआ एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि बरामद शराब की कीमत 70 लाख से अधिक है. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल जब्त कर सीडीआर निकालने का काम शुरू कर दिया है. इससे यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी और हिमाचल प्रदेश से शराब मंगवाने वाला मुख्य शराब माफिया कौन है. जांच से तस्करी के संगठित नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है.

पुलिस की कार्रवाई से तस्करी पर लगाम: एसडीपीओ संजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब निर्माण और तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. गोरौल पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि बिहार पुलिस अलर्ट मोड पर है. फिलहाल ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है.

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसी छापेमारी और जांच आगे भी तेज की जाएगी. बिहार में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं. इस घटना से एक बार फिर साबित होता है कि पुलिस की सजगता से बड़े पैमाने पर तस्करी को रोका जा सकता है. जांच पूरी होने के बाद माफिया के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है.

"बरामद शराब की अनुमानित कीमत 70 लाख से अधिक है. गिरफ्तार ट्रक चालक और खलासी से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. जब्त मोबाइल का सीडीआर निकालकर यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की डिलीवरी कहां होनी थी और शराब माफिया कौन है."-संजीव कुमार, एसडीपीओ, महुआ

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