ETV Bharat / state

मकर संक्रांति के बाद निगम, बोर्ड और आयोगों के रिक्त हजारों पद भरे जाएंगे; बीजेपी नेताओं में कश्मकश

बीजेपी प्रवक्ता संजय चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आयोग-निगम और बोर्ड्स में खाली पदों को भरा जाएगा.

Etv Bharat
Etv Bharat (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 6:05 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में निगम बोर्ड और आयोग के करीब 10 हजार पद खाली हैं. उनको लेकर बहुत जल्द ही भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश नामों की सूची फाइनल करके सरकार को भेजेगी और मार्च तक इनकी नियुक्ति की जाएगी. पार्टी में नेता जद्दोजहद में लगे हुए.

रिक्त पद भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी: उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के बाद योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं. खरमास समाप्त होने के बाद जल्द ही कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है. बीजेपी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार के साथ ही वर्षों से खाली पड़े विभिन्न आयोगों, निगमों और बोर्डों के पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी.

जानकारी देते बीजेपी प्रवक्ता संजय चौधरी (Video Credit: ETV Bharat)

समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी: इन पदों पर भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को समायोजित किया जाएगा. भाजपा प्रवक्ता संजय चौधरी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आयोग-निगम-बोर्डों में खाली पदों को भर जाएगा. इन पदों की संख्या हजारों में है, जहां पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी.

Photo Credit: ETV Bharat
आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों का मानदेय राज्य के प्रमुख सचिव की सैलरी के बराबर होता है. (Photo Credit: ETV Bharat)

जनवरी के तीसरे सप्ताह में कैबिनेट विस्तार संभव: प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन के साथ ही और तेज हो गई है. माना जा रहा है कि 14 जनवरी को खरमास समाप्त होने के बाद जनवरी के तीसरे सप्ताह तक मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है. इस बीच, विभिन्न आयोगों और बोर्डों में रिक्त पदों को भरने की तैयारी जोरों पर है. राज्य में करीब 12 प्रमुख आयोग और बोर्ड ऐसे हैं जहां अध्यक्ष, सदस्य और अन्य पदाधिकारियों के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं.

Photo Credit: ETV Bharat
खाली पदों को भरने की तैयारी. (Photo Credit: ETV Bharat)

उपभोक्ता आयोग में भी कई पद खाली: राज्य खाद्य आयोग शामिल है, जहां अध्यक्ष से लेकर सदस्य तक के पद रिक्त हैं. उत्तर प्रदेश सूचना आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, मदरसा शिक्षा परिषद, उर्दू अकादमी, फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल समिति, राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोगों में भी कई पद खाली हैं. जिला उपभोक्ता आयोग की बात करें तो 56 जिलों में अध्यक्ष और सदस्यों के पद नहीं भरे गए हैं. लोकायुक्त संगठन में भी कई पद रिक्त हैं.

Photo Credit: ETV Bharat
नगर निकायों में मनोनीत पार्षदों की संख्या कुल पार्षदों के 10 प्रतिशत तक हो सकती है. (Photo Credit: ETV Bharat)

प्रमुख सचिव की सैलरी के बराबर मानदेय: नगर निकायों में मनोनीत पार्षदों की संख्या कुल पार्षदों के 10 प्रतिशत तक हो सकती है, जिसके तहत 2800 से अधिक पदों पर मनोनयन की संभावना है. कुल मिलाकर भाजपा करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं और नेताओं को इन पदों पर समायोजित करने की योजना बना रही है. इन पदों पर नियुक्त होने वाले कुछ पदाधिकारियों को आकर्षक मानदेय मिलता है. कुछ आयोगों में अध्यक्ष और सदस्यों का मानदेय राज्य के प्रमुख सचिव की सैलरी के बराबर होता है.

Photo Credit: ETV Bharat
पार्टी में नेता पद पाने की जुगत में लगे हुए. (Photo Credit: ETV Bharat)

50 हजार रुपये तक मासिक भत्ता मिलता है: अन्य पदों के लिए 20 से 50 हजार रुपये मासिक भत्ता तक मिलता है. लखनऊ में टाइप-4 और टाइप-5 आवास, वाहन तथा सुरक्षा गार्ड की सुविधा भी प्रदान की जाती है. समायोजन में प्राथमिकता पार्टी के उन कार्यकर्ताओं को दी जाएगी जो वर्षों से संगठन में सक्रिय हैं. साथ ही लोकसभा चुनाव के दौरान शामिल हुए पूर्व अधिकारी, अन्य दलों से आए नेता, नाराज चल रहे भाजपा नेता और सदस्यता अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं को भी मौका मिलेगा.

Photo Credit: ETV Bharat
56 जिलों में अध्यक्ष और सदस्यों के पद नहीं भरे गए हैं. (Photo Credit: ETV Bharat)

संगठन को मजबूत करने की कोशिश जारी: राजनीतिक विश्लेषक अविनाश मिश्र का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तर पर मजबूती लाने की कोशिश कर रही है. मंत्रिमंडल विस्तार और इन नियुक्तियों से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी तथा नाराजगी दूर होगी.यह कदम प्रदेश में भाजपा की सरकार को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

यह भी पढ़ें- लखनऊ के हुसैनाबाद हेरिटेज जोन में चलेगा बुलडोजर, अवैध निर्माण पर LDA सख्त, नोटिस के बाद गिराए जाएंगे