अब सूरज की ताकत से जगमग होंगे पिलंग और जौड़ाऊ गांव, दोनों गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित
उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी क्रम में पिलंग और जौड़ाऊ गांव को सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 30, 2026 at 12:07 PM IST
उत्तरकाशी: भटवाड़ी विकासखंड के दूरस्थ पिलंग और जौड़ाऊ गांवों के ग्रामीणों को अब बिजली कटौती की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. मानसून और बर्फबारी के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होने से परेशान रहने वाले इन दोनों गांवों को अब ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा संयंत्रों से जोड़ा गया है. प्रज्ञा संस्था ने एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से दोनों गांवों में कुल 102 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं. परियोजना का विधिवत शुभारंभ बीते बृहस्पतिवार को किया गया.
परियोजना के तहत पिलंग गांव में 67 किलोवाट और जौड़ाऊ गांव में 35 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है. इसके साथ ही गांवों में विद्युत वितरण नेटवर्क और सौर जल ताप प्रणाली भी विकसित की गई है. संस्था की ओर से तैयार किए गए इन सोलर सिस्टम को संचालन के लिए ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है. सौर ऊर्जा परियोजना से पिलंग के 78 और जौड़ाऊ के 35 परिवारों को बिजली की सुविधा से जोड़ा गया है. इसके अलावा दोनों गांवों के पंचायत घरों और विद्यालयों में भी सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई गई है.
ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दोनों गांवों में एक-एक हजार लीटर क्षमता के दो-दो सोलर वाटर गीजर भी लगाए गए हैं. संस्था से जुड़े मनमोहन सिंह ने बताया कि दोनों गांवों में मानसून और सर्दियों के दौरान बर्फबारी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होती रहती है. ऐसे में ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में काम करेगा. इससे स्थानीय स्तर पर बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और ग्रामीणों को जरूरी कार्यों के लिए निर्बाध ऊर्जा मिल सकेगी. उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा से ग्रामीणों की घरेलू और सामुदायिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी.
साथ ही पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम होगी. विशेषकर खराब मौसम में यह परियोजना ग्रामीणों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी. परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम प्रधान दीपा राणा, अनिता, आशुतोष, भूषण शाह, विजयपाल राणा समेत ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे. पिलंग और जौड़ाऊ गांवों में स्थापित इस परियोजना से कुल 113 परिवारों को सौर ऊर्जा की सुविधा मिली है. स्थानीय स्तर पर तैयार ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के कारण बिजली की मुख्य लाइन बाधित होने की स्थिति में भी इन परिवारों को वैकल्पिक बिजली उपलब्ध हो सकेगी.
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