अंकिता भंडारी केस पर युवा कांग्रेस का बीजेपी महानगर कार्यालय कूच, पुलिस ने रोका तो जमकर हुई नोकझोंक
अंकिता भंडारी मामले पर युवा कांग्रेस मुखर, बीजेपी महानगर कार्यालय किया कूच, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन छोड़ा

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 26, 2025 at 7:48 PM IST
देहरादून/हल्द्वानी: बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस का मामला फिर से सुर्खियों में है. मामले पर लगातार बयानबाजी के साथ आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को भुनाने में जुट गई है. इसी कड़ी में कांग्रेस के सहयोगी संगठन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लैंसडाउन चौक के पास स्थित बीजेपी महानगर कार्यालय कूच किया, लेकिन पुलिस ने सभी को कनक चौक के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. इस बीच पुलिस के साथ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ जमकर धक्का मुक्की हुई. इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन छोड़ा.
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया बीजेपी महानगर कार्यालय कूच: दरअसल, आज यानी 26 दिसंबर की सुबह देहरादून में युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वाति नेगी के नेतृत्व में तमाम कार्यकर्ता कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में इकट्ठा हुए. जहां से नारेबाजी करते हुए बीजेपी महानगर कार्यालय की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने कनक चौक के पास बैरिकेडिंग लगाकर सभी प्रदर्शनकारियों को रोक दिया. पुलिस के रोके जाने पर सभी आक्रोशित हो गए. इसी बीच पुलिस के साथ प्रदर्शनकारी युवाओं की आगे बढ़ने को लेकर तीखी नोकझोंक हुई.
पुलिस ने हिरासत में लिए प्रदर्शनकारी: इनमें यूथ कांग्रेस की प्रदेश महासचिव कविता माही, प्रदर्शन में शामिल एनएसयूआई की रिया राणा और कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी किसी तरह बीजेपी महानगर कार्यालय के काफी पास पहुंच गए, लेकिन महिला पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और वापस बैरिकेडिंग के पास ले आए. काफी देर हंगामा होने के बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और पुलिस लाइन भेज दिया.

हल्द्वानी में कांग्रेस ने निकाली कैंडल मार्च: वहीं, युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वाति नेगी ने इस घटना को प्रदेश को कलंकित करने वाला बताया है. उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाई. उधर, हल्द्वानी में विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने कैंडल मार्च निकाला. साथ ही अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देते हुए न्याय की मांग की.

"अंकिता भंडारी हत्याकांड में आज तक पुलिस उस कथित वीआईपी का पता नहीं लगा पाई, जिसके लिए रिजॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया गया. इसलिए कांग्रेस अंकिता भंडारी के न्याय के लिए कैंडल मार्च निकालते हुए एक बार फिर मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही है."- सुमित हृदयेश, विधायक हल्द्वानी
दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्य ने कांग्रेस को घेरा: वहीं, दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्य ने कहा कि यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता की छवि को कांग्रेस पार्टी की ओर से खराब की जा रही है. अनुसूचित समाज इसकी घोर निंदा करता है. समाज में आक्रोश व्याप्त है. उन्होंने कहा कि अंकिता के दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा भी मिल गई है. कांग्रेस पार्टी प्रदेश में अपनी जनाधार खो चुकी है. इस तरह के मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी के नेताओं का चरित्र हनन करने की कोशिश करती है. जिसको लेकर अनुसूचित समाज कांग्रेस पार्टी का विरोध कर रही है.

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