उत्तराखंड में मौसम का तिहरा वार, बारिश, फॉरेस्ट फायर ने बढ़ाई मुश्किलें, गर्मी से लोग परेशान
उत्तराखंड में इन दिनों मौसम के अजब गजब रंगे देखने को मिल रहे हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 29, 2026 at 8:38 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में कल देर रात से मौसम का बदला रूप देखने को मिल रहा है. मौसम के बदले रूप ने लोगों के साथ-साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है. प्रदेश में एक ही समय पर मौसम के तीन अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कहीं जंगल आग की लपटों में घिरे हैं. कहीं ओलावृष्टि किसानों की मेहनत पर भारी पड़ रही है. वहीं, कहीं तेज आंधी और मूसलाधार बारिश जनजीवन को प्रभावित कर रही है.
देर रात चली तेज आंधी, कई जिलों में नुकसान: 28 मई की रात अचानक मौसम ने करवट ली. राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. देहरादून में देर रात चली तेज आंधी के कारण सहस्रधारा रोड, रायपुर, प्रेमनगर, डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों में कई पेड़ सड़कों पर गिर गए. कई जगह बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त होने से घंटों विद्युत आपूर्ति बाधित रही. कुछ इलाकों में टिनशेड उड़ने और छोटे अस्थायी ढांचों के टूटने की भी सूचना मिली.
प्रदेशभर में ऐसा रहा हाल: रातभर हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई. लोगों को गर्मी से राहत मिली. साथ ही कई जगह जलभराव ने परेशानी बढ़ाई. हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में भी देर रात तेज धूलभरी आंधी के बाद बारिश हुई. कई ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था प्रभावित रही. खेतों में खड़ी फसलें तेज हवाओं और बारिश से प्रभावित हुईं.
ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर, काशीपुर और बाजपुर में तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं. कई स्थानों पर होर्डिंग और अस्थायी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए. जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ. नैनीताल जिले के हल्द्वानी और रामनगर हरिद्वार क्षेत्र में भी मौसम का असर दिखाई दिया. तेज बारिश के चलते कई निचले इलाकों में पानी भर गया. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है.

देहरादून बागेश्वर में ओलावृष्टि: प्रदेश के पहाड़ी जिलों में मौसम का अलग ही रूप देखने को मिला. देहरादून, बागेश्वर जिले के कुछ क्षेत्रों में गुरुवार को अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी. कुछ देर तक गिरे ओलों से खेतों और बगीचों में सफेद परत जम गई. स्थानीय लोगों के अनुसार सब्जियों और फलों की फसल को नुकसान पहुंचा है. कई ग्रामीणों ने इसे इस सीजन की सबसे तेज ओलावृष्टि बताया. चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई. मौसम में आई ठंडक से तापमान में गिरावट आई है.


उत्तरकाशी के जोशीयाड़ा स्थित बाड़ाहाट रेंज के ज्ञानसू क्षेत्र में जंगल कई घंटों तक धधकते रहे. आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देती रहीं. वन विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन, तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती रही. फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने पूरे प्रदेश के लिए 150 से अधिक फायर अलर्ट जारी किए हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती आग की घटनाओं से वन संपदा के साथ वन्यजीवों को भी भारी खतरा पैदा हो गया है. धुएं के कारण कई इलाकों में वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है.
गर्मी ने भी बढ़ाई टेंशन: वहीं, प्रदेश के मैदानी इलाकों की बात करें तो हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, रुड़की में बारिश के साथ ही गर्मी भी पड़ रही है. जिससे लोग काफ परेशान हैं. बारिश के बाद उमस भरे मौसम से लोग बीमार हो रहे हैं.

सात जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट: मौसम विभाग ने शुक्रवार और आगामी दिनों के लिए उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. इसके अलावा 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं.

लोगों से सतर्क रहने की अपील: सचिव आपदा विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. उन्होंने कहा तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान लोग पेड़ों बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें. साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. उत्तराखंड में मौसम के लगातार बदलते तेवरों ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिन और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों को भी सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है.

अब आग बुझाने में सहयोग नहीं किया तो दर्ज होगा मुकदमा: तेज हवा से जंगलों में आग लगने की घटना भी तेजी से घट रही हैं. जिसे देखते हुये वन विभाग अब सख्त कदम उठाने जा रहा है. विभाग ने साफ किया है कि जंगल की आग बुझाने में सहयोग नहीं करने वालों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा. वन विभाग की ओर से जारी सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है कि वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोग, मवेशी चराने वाले, वन उपज लेने वाले, लकड़ी कटान की अनुमति प्राप्त लोग और वन विभाग से जुड़े कर्मचारी आग लगने की सूचना तुरंत विभाग या पुलिस को देंगे. साथ ही आग बुझाने और उसे फैलने से रोकने में भी सहयोग करना अनिवार्य होगा. अधिकारियों का कहना है कि कई क्षेत्रों में समय पर सूचना और स्थानीय सहयोग नहीं मिलने के कारण आग पर काबू पाने में परेशानी हो रही है. इसी वजह से अब कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया गया है.

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