साल 2025 में उत्तराखंड STF ने तोड़ी माफियाओं की कमर, आईजी ने बताए अचीवमेंट
उत्तराखंड एसटीएफ ने साल 2025 में कौन-कौन सी बड़ी कार्रवाई की और साल 2026 में उनका क्या विजन है, इसके बारे में बताया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 5, 2026 at 7:16 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने आज पांच जनवरी सोमवार को अपनी साल 2025 की उपलब्धियों के बारे में बताया. इस बारे में एसटीएफ आईजी नीलेश आनन्द भरणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की.
एसटीएफ आईजी नीलेश आनन्द भरणे के मुताबिक साल 2025 में एसटीएफ ने गैंगस्टर, ड्रग माफिया और साइबर अपराधी तक पर शिकंजा कसा है. एसटीएफ की टीम ने साल 2025 में 18 इनामी अपराधी गिरफ्तार करने के साथ ही 54 ड्रग्स तस्कर को भी दबोचा है, जिनके कब्जे से करीब 22.86 करोड़ की ड्रग्स बरामद हुई है.
एसटीएफ आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि एक जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि में एसटीएफ ने संगठित अपराध, इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, शस्त्र और नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली दवाइयों के अवैध कारोबार, साइबर अपराध, वन्यजीव तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की. इन अभियानों का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आम नागरिकों की सुरक्षा करना रहा है.
साल 2025 में इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी: एसटीएफ टीमों द्वारा अलग-अलग अपराधों में शामिल 18 इनामी और लंबे समय से फरार अपराधियों को देश के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया. इनमें जनपद चमोली में हत्या के मामले में 25 सालों से फरार दो लाख रुपए के इनामी आरोपी सुरेश शर्मा को गिरफ्तारी किया गया.
साथ ही अन्य अधिनियमों के अंतर्गत फरार 26 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया. शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत 20 पिस्टल, दो तमंचे, 24 मैगजीन और 63 जिंदा कारतूस बरामद कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
चीनू पंडित गैंग पर भी हुई कार्रवाई: कुख्यात गैंगस्टर विनीत शर्मा उर्फ चीनू पंडित गैंग के दो शूटरों को तीन पिस्टल, एक तमंचा व 12 जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया. रुड़की क्षेत्र में जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामलों में वाल्मीकि गैंग के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर गैंग के सक्रिय सदस्यों मनीष उर्फ बॉलर, पंकज अष्टवाल और निर्देश पत्नी रजनीश को कनखल जनपद हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया. साथ ही आरोपी शेर सिंह, हसन जैदी और आकाश सक्सेना को गिरफ्तार किया गया. वही प्रदेश में चल सात गैंगों पर भी एसटीएफ की लगातार निगरानी है.
नकली दवाइयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: नकली दवाइयों के अवैध कारोबार में शामिल 12 सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. इन आरोपियों के पास 658 आउटर बॉक्स, 2400 ग्राम जिंक पाउडर, 263 किलोग्राम पैरासिटामोल पाउडर, 12.540 गोली व 16,200 जायडस गोलियां बरामद कर सीज की गईं. इसके अलावा 6 अवैध फैक्ट्रियों को सीज किय गया. वहीं साईं फार्मा के बैंक खाते में लगभग 14 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेन-देन की जांच कर अग्रिम कार्रवाही की गई.
वन्यजीव अपराध: वन्य जीव जंतु अधिनियम के अंतर्गत पांच भालू की पित्त, पांच नाखून व एक हाथी दांत बरामद कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
अन्य प्रमुख कार्रवाई:
- आर्मी वर्दी के दुरुपयोग में एक आरोपी को फर्जी पहचान पत्र सहित गिरफ्तार किया गया.
- तनिष्क शोरूम लूट कांड (₹3.70 करोड़) में फरार आरोपी राहुल उर्फ शाकीब निवासी बिहार को गिरफ्तार किया गया.
- उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने का प्रलोभन देन के क्रम में आरोपी हाकम सिंह और पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया गया.
- धामावाला बाजार देहरादून में 22,000 से अधिक नकली सिगरेट बरामद कर मुकदमा पंजीकृत किया गया.
- थाना प्रेमनगर के बिधोली क्षेत्र के अंतर्गत एक रिजॉर्ट में छापेमारी कर जुआ व कसीनो से संबंधित अवैध गतिविधियों में शामिल नौ व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाही की गई.
- पटेल नगर क्षेत्र में रह रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया गया.
- अंतरराष्ट्रीय अवैध हथियार आपूर्ति से जुड़े आरोपी कामरान अहमद को महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच के साथ दबिश देकर गिरफ्तार किया गया.
- साइबर अपराध: अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड और नकदी बरामद की गई.
ANTF (नारकोटिक्स नियंत्रण) की कार्रवाई:
- एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 34 मामलों में 54 आरोपियों को गिरफ्तार कर 17 किलो 516 ग्राम चरस, 14 किलोग्राम 465 ग्राम अफीम, तीन किलो 763 ग्राम हेरोईन, 434 किलो 748 ग्राम गांजा, और 7.600 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया.
- बरामद नशीले पदार्थों का अनुमानित मूल्य 22 करोड़ 86 लाख 27 हजार 900 रूपये है. PIT NDPS के अंतर्गत 28 प्रकरण शासन को प्रेषित किए गए, जिनमें से दो मामलों में कार्रवाई के आदेश जारी किए जा चुके हैं. .
एसटीएफ आईजी नीलेश भरणे ने बताया है कि एसटीएफ की रणनीति और आक्रामक होने जा रही है. बॉर्डर ट्रैफिकिंग, फेक करेंसी और फर्जी सर्टिफिकेट गैंग्स पर सीधा फोकस होगा. आधार, आयुष्मान और जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेजों पर कार्रवाई की तैयारी है. MDMA के हॉटस्पॉट मैप किए गए हैं, स्टूडेंट और टूरिस्ट एरिया सर्विलांस में है और हर 15 दिन में ड्रग स्टॉक ऑडिट की योजना बनाई गई है.
पढ़ें--

