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एसटीएफ ने दो साइबर ठगों को पश्चिम बंगाल से किया गिरफ्तार, ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार

उत्तराखंड में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं. एसटीएफ जिसके तरह लगातार कार्रवाई कर रही है.

Cyber ​​Fraud Case
एसटीएफ की गिरफ्त में आरोपी (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 28, 2026 at 7:07 AM IST

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Updated : August 28, 2026 at 10:34 AM IST

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देहरादून: शेयर मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपए की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की. एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले से गिरोह के दो सदस्यों राजेश कुमार रजक और सैयद शादाब अली उर्फ करीम को गिरफ्तार किया है. साइबर टीम द्वारा दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया है. साथ ही आरोपी के बैंक खाते के संबंध में एनसीआरपी पोर्टल पर 19 से अधिक शिकायत दर्ज है.

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी: साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमे की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को अमेरिका और भारत के शेयर मार्केट से जुड़ा बताकर निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा दिया. 16 अक्टूबर से 18 नवंबर 2025 के बीच पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में 47,63,537 रुपए जमा कराए गए. वहीं, पटेल नगर से एसटीएफ को ट्रांसफर किए गए एक अन्य मामले में भी अक्टूबर 2025 के दौरान शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर पीड़ित से 18,54,900 रुपए अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराए गए.

आरोपी के खाते में पहुंचे 27.20 रुपए लाख: जांच के दौरान बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर Bank of Baroda का RAJAK & COMPANY के नाम से संचालित खाता सामने आया. एसटीएफ के अनुसार इस खाते का संबंध आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया. दोनों मामलों में इस खाते में कुल 27.20 लाख ट्रांसफर किए गए थे. ठगी की रकम खाते में आने के बाद उसे RTGS समेत अन्य माध्यमों से दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया.

व्हाट्सएप चैट से मिला अहम डिजिटल सबूत: आरोपी राकेश कुमार रजक के मोबाइल फोन की जांच में सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई के साथ हुई व्हाट्सएप चैट मिली. चैट के विश्लेषण में बैंक खाते की नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और इसके बदले कमीशन लेने से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मिले. साथ ही गिरफ्तार आरोपी सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य आरोपी की भूमिका में था.पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

आरोपी के बैंक खातों से संबधित NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज हैं. साथ ही पीड़ित की 12 लाख रुपए की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है. ठगी की बाकी रकम की बरामदगी को लेकर भी कार्रवाई जारी है.
-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ-

एसटीएफ की लोगों से अपील: एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि शेयर मार्केट, IPO या ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान लोगों के झांसे में न आएं. किसी भी अनजान लिंक, मोबाइल नंबर या बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें.साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं.

रामनगर साइबर ठगी मामला: रामनगर कोतवाली क्षेत्र से साइबर ठगी से जुड़ा एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है. पुलिस की जांच में एक बैंक की रामनगर शाखा में संचालित 35 संदिग्ध बैंक खातों का पता चला है. जिनके संबंध में देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है. खास बात यह है कि इस मामले में रामनगर कोतवाली के उपनिरीक्षक ललित कुमार पांडे खुद वादी हैं और उनकी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है. वहीं 35 खातों और 129 साइबर शिकायतों से जुड़ा बताया जा रहा है. अब पुलिस की जांच से इस पूरे नेटवर्क और इसमें बैंक स्तर पर किसी संभावित भूमिका की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

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Last Updated : August 28, 2026 at 10:34 AM IST