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35 लाख की ट्रामाडोल सप्लाई का खुलासा, उत्तराखंड में नशे के नेटवर्क का STF ने किया भंडाफोड़

हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र से मई में बरामद 18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल मामले की जांच में खुलासा, 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था

UTTARAKHAND TRAMADOL SUPPLY RACKET
35 लाख की ट्रामाडोल सप्लाई का खुलासा (Photo courtesy STF)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 19, 2026 at 4:41 PM IST

3 Min Read
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हरिद्वार: उत्तराखंड में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र से मई में बरामद 18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल मामले की जांच करते हुए पुलिस ने इस अवैध कारोबार से जुड़े एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से संचालित किया जा रहा था.

फार्मा स्टोर की आड़ में चल रहा था करोड़ों का अवैध कारोबार: एसटीएफ की जांच में पता चला कि मुजफ्फरनगर स्थित श्री सिद्धबली फार्मा स्टोर का संचालक सचिन मनिहाल विभिन्न दवा कंपनियों से बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल मंगवाकर उत्तराखंड में सप्लाई कर रहा था. एसटीएफ के अनुसार आरोपी प्रतिबंधित दवाओं को मूल कीमत से कई गुना अधिक दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था.

35 लाख की ट्रामाडोल सप्लाई का खुलासा: प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सप्लाई नेटवर्क देहरादून और हरिद्वार समेत कई क्षेत्रों तक फैला हुआ था. विवेचना के दौरान मिले दस्तावेजों ने तस्करी के कारोबार के जाल को उजागर कर दिया. जांच में सामने आया कि जनवरी 2026 से मई 2026 के बीच केवल एक दवा कंपनी से ट्रामाडोल कैप्सूल खरीदने के लिए करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था. इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की पड़ताल में जुट गई हैं.

पूछताछ में खुली सप्लाई चेन की परतें: पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूलों की खरीद और सप्लाई किए जाने की बात स्वीकार की है. साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर सप्लाई नेटवर्क संचालित करने में किया जा रहा था. एसटीएफ अब आरोपी की आय के स्रोत, अवैध संपत्ति और उसके संपर्कों की जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. पुलिस फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगालते हुए उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो प्रतिबंधित दवाओं के इस कारोबार का हिस्सा रहे हैं.

ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान जारी रहेगा: एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि-

मुख्यमंत्री के ड्रग्स फ्री देवभूमि विजन को साकार करने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. हम युवाओं और आम लोगों से नशे से दूर रहने तथा नशा कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस और एसटीएफ तक पहुंचाने की अपील करते हैं.
-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ-

क्या है ट्रामाडोल: ट्रामाडोल डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली शक्तिशाली ओपिओइड दर्द निवारक दवा है. इसका मुख्य उपयोग मध्यम से लेकर गंभीर स्तर के पुराने या अचानक हुए दर्द. को ठीक करने में किया जाता. ये दर्द सर्जरी या गंभीर चोट के बाद और जोड़ों या मांसपेशियों का दर्द हो सकता है. इसका दुरुपयोग करते हुए नशे के आदी लोग प्रयोग करते हैं.

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