उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के अभी तक 40 मरीज आए सामने, पांच की मौत, CMO बोले- पैनिक न हो
स्वाइन फ्लू को लेकर उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. साथ ही विभाग अलर्ट भी हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 25, 2026 at 7:48 PM IST
देहरादून: स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक कुल 40 मामले सामने आए हैं, जिसमें से 28 मामले अकेले देहरादून से सामने आए थे. बाकी मामले अन्य जगहों से आए थे. इन 40 मामलों में से अब तक 27 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि अन्य मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है. वहीं, अब तक 5 मौतें रिपोर्ट हुई हैं. अधिकारियों के मुताबिक ये पांचों मरीज को मॉर्बिडिटी से ग्रसित थे, यानी इन मरीजों को कोई और भी बीमारियां थी.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. राज्य स्तर से भी एडवाइजरी मिलने के बाद अस्पतालों में आइसोलेशन बेड चिह्नित करने, फ्लू के मरीजों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने, पर्याप्त दवाइयां, मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं. जरूरत के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सामग्री की खरीद भी की जा रही है.
को-मॉर्बिडिटी से जूझ रहे लोगों को सर्तक रहने की जरूरत: स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वर्तमान स्थिति को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है. आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) की गाइडलाइन के अनुसार फिलहाल सामने आ रहे अधिकांश मामले माइल्ड हैं. हालांकि बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी या को-मॉर्बिडिटी से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है.
स्वास्थ्य विभाग की लोगों से अपील:
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाते समय मास्क का इस्तेमाल करें.
- सर्दी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण होने पर घर पर रहें और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें.
- खांसते या छींकते समय रुमाल अथवा टिश्यू का इस्तेमाल करें.
- खुले में न थूकें और किसी सतह को छूने के बाद हाथों को सैनिटाइज करें.
अफवाह या पैनिक की स्थिति न बनाएं: देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज शर्मा ने बताया कि कोरोना काल के दौरान अपनाई गई सावधानियां इस संक्रमण से बचाव में भी कारगर हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, लेकिन किसी तरह की अफवाह या पैनिक की स्थिति न बनाएं. जांच की सुविधा बढ़ने के कारण अब सामान्य सर्दी-जुकाम और बुखार के मामलों की भी जांच हो रही है, जिससे संक्रमित मरीजों की पहचान पहले की तुलना में अधिक हो रही है.
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