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देहरादून जिले में एसआईआर की रफ्तार बेहद धीमी, टॉप पर पिथौरागढ़, जानिये अपने जिले का हाल

उत्तराखंड में इन पांच दिनों में यानी 12 जून की दोपहर 4 बजे तक 41,26,739 मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किये जा चुके हैं.

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उत्तराखंड एसआईआर अपडेट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 12, 2026 at 6:27 PM IST

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Updated : June 12, 2026 at 8:29 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे एसआईआर अभियान की धीमी प्रगति को लेकर अब कार्रवाइयों का दौर शुरू हो गया है. दरअसल, उत्तराखंड के देहरादून, उधमसिंह नगर समेत अन्य जिलों में एसआईआर धीमी गति से चल रही है. ऐसे में अगर इन जिलों की रफ्तार को गति यही रही तो समय से सभी मतदाताओं का एसआईआर नहीं हो पाएगा. खास बात यह है कि प्री एसआईआर के दौरान भी प्रदेश के इन्हीं तीनों जिलों में मैपिंग फीसदी कम थी. ऐसे में एसआईआर अभियान की गति को तेज करना मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. जिसके चलते मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.

राज्य में एसआईआर अभियान की शुरुआत 8 जून से शुरू हुई. जिसके बाद से लगातार बीएलओ की ओर से गणना फॉर्म वितरित करते हुए फॉर्म को डिजिटलाइज्ड भी किया जा रहा है. उत्तराखंड में कुल 79,60,762 मतदाता हैं. जिसमें से इन पांच दिनों में यानी 12 जून की दोपहर 4 बजे तक 41,26,739 मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किये जा चुके हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का लक्ष्य है कि 18 जून तक शत- प्रतिशत गणना फॉर्म वितरित हो जायें. अभी तक 51.84 फ़ीसदी मतदाताओं को ही गणना फॉर्म वितरित किया गया है.

उत्तराखंड एसआईआर अपडेट (ETV Bharat)

प्रदेश में चल रहे एसआईआर अभियान के दौरान कुछ जिलों का परफार्मेंस काफी बेहतर है. कुछ जिले काफी अधिक पीछे चल रहे हैं. जिसमें देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, उधमसिंह नगर और नैनीताल जिले शामिल हैं. इन जिलों में गणना फॉर्म वितरित की स्थिति अभी तक 50 फीसदी के पार नहीं हो पाई है. देहरादून जिले की स्थिति बेहद चिंताजनक है. यहां अभी तक मात्र 39.18 फ़ीसदी मतदाताओं को ही गणना फॉर्म वितरित किये गये हैं.

जिलावार एसआईआर अभियान की स्थिति

  1. हरिद्वार जिले में 715283 मतदाताओं यानी 51.97 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  2. नैनीताल जिले में 381392 मतदाताओं यानी 49.85 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  3. अल्मोड़ा जिले में 315446 मतदाताओं यानी 59.81 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  4. उधमसिंह नगर जिले में 595906 मतदाताओं यानी 44.69 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  5. पिथौरागढ़ जिले में 300753 मतदाताओं यानी 81.52 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  6. बागेश्वर जिले में 109005 मतदाताओं यानी 50.95 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  7. चंपावत जिले में 150328 मतदाताओं यानी 72.75 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  8. चमोली जिले में 129983 मतदाताओं यानी 43.97 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  9. उत्तरकाशी जिले में 142018 मतदाताओं यानी 58.49 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  10. रुद्रप्रयाग जिले में 90188 मतदाताओं यानी 47.07 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  11. टिहरी गढ़वाल जिले में 343139 मतदाताओं यानी 67.65 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  12. पौड़ी गढ़वाल जिले में 313843 मतदाताओं यानी 56.57 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.
  13. देहरादून जिले में 539455 मतदाताओं यानी 39.18 फीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है.

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने कहा उत्तराखंड में 8 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो गई है. जिसके लिए बीएलओ घर घर जाकर गणना पत्र वितरित कर रहे हैं. पत्र को वापस लेते हुए उसको वापस लेते हुए डिजिटलाइज्ड भी कर रहे हैं. साथ ही बीएलओ की ओर से बीएलओ एप पर कार्यवाही की रिपोर्टिंग भी की जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 51.84 फ़ीसदी मतदाताओं को गणना फॉर्म वितरित किया जा चुका है. ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि 18 जून तक शत प्रतिशत मतदाताओं को गणना पत्र वितरित कर दिए जाए. इसके अलावा, जिन जिन क्षेत्रों में प्रगति धीमी चल रही है, उसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है.

जहां जहां पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है वहां पर अच्छी प्रगति देखी जा रही है. जिसमें पिथौरागढ़ और चम्पावत जिला शामिल है. इसके अलावा, देहरादून जिला राज्य एवरेज से कम स्थिति में है. जिसके चलते देहरादून समेत कम प्रगति वाले जिलों में लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था बनाई गई है. जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या आ रही है वहां पर टेक्निकल मैनपावर डिप्लोइड करने का निर्णय लिया गया. ऐसे में वो लोग भी बीएलओ की सहायता कर रहे हैं. यही नहीं, बीएलओ पर अतिरिक्त दबाव न पड़े, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है.

उन्होंने कहा सभी जिलों में सही ढंग से एसआईआर की कार्यवाही चल रही है. टीम अच्छे तरीके से काम कर रही हैं. उन्होंने बताया मैदानी जिलों में जनसंख्या ज्यादा होने के कारण हर बीएलओ अधिक संख्या में मतदाताओं से संपर्क करना होता है. यही वजह है कि आबादी का घनत्व अधिक होने की वजह से प्रगति थोड़ा कम या धीमी है.

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Last Updated : June 12, 2026 at 8:29 PM IST