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एसआईआर को लेकर है कोई कन्फ्यूजन? हेल्प डेस्क से करें संपर्क, जानिये पूरा प्रोसेस

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से एसआईआर को लेकर खास अनुरोध किया है. उन्होंने समस्या होने पर हेल्प डेस्क की मदद लेने को कहा है.

UTTARAKHAND SIR HELP DESK
उत्तराखंड एसआईआर हेल्प डेस्क (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 10, 2026 at 1:08 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में एसआईआर अभियान के तहत 8 जून से गणना पत्र वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. प्रदेश में मौजूद 11,732 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना पत्र वितरित कर रहे हैं. ऐसे में एसआईआर अभियान के दौरान जनता की समस्याओं का समाधान के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश मुख्यालय के साथ ही सभी 13 जिलों में कंट्रोल रूम/हेल्प डेस्क स्थापित किया है. ये कंट्रोल रूम/हेल्प डेस्क जनता की सुविधाओं और उनकी समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होगा.इसके साथ ही आयोग ने नोडल अधिकारी भी नामित कर दिए हैं.

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम की ओर से जारी सूचना के अनुसार, देहरादून जिले के बाहर से किसी भी जिले के टोल फ्री नम्बर 1950 डायल करने के लिए उस जिले को एसटीडी कोड लगाना अनिवार्य होगा, जिले से सीधे 1950 डायल किया जा सकता है. इसके साथ ही राज्य के सभी नागरिक एवं मतदाता, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में किसी भी जानकारी के लिए कंट्रोलरूम/ हेल्प डेस्क पर कॉल कर सकते हैं.

Uttarakhand SIR Help Desk
उत्तराखंड एसआईआर हेल्प डेस्क (फोटो सोर्स: मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय)

इसके अलावा, कोई भी मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट https://voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर, बिना नम्बर डायल किए "Book a Call With BLO” ऑप्शन के जरिए अपने BLO से सम्पर्क कर सकते हैं. इस सुविधा के लाभ के लिए मतदाता को इस विकल्प में अपना वर्तमान मतदाता फोटो पहचान पत्र संख्या और मोबाइल नम्बर अंकित करना अनिवार्य होगा.

Uttarakhand SIR Help Desk
उत्तराखंड एसआईआर हेल्प डेस्क (फोटो सोर्स: मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय)

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अनुरोध किया है कि भारत निर्वाचन आयोग, या निर्वाचन में तैनात कोई भी अधिकारी/ कर्मचारी किसी भी मतदाता से या बीएलओ से कोई ओटीपी नहीं मांगता है, इसलिए साईबर क्राइम से बचने के लिए किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी बिल्कुल भी साझा न करें. बीएलओ के जरिए प्राप्त गणना फार्म पर सही-सही सूचनाएं उपलब्ध कराते हुए गणना फार्म पर हस्ताक्षर कर गणना फार्म की एक प्रति अपने बीएलओ को समय पर जरूर वापिस करें.

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